Author: Shyam Kunvar Bharti

  • भोजपुरी लोकगीत (पूर्वी ) – सालेला ये राम |

    भोजपुरी लोकगीत (पूर्वी ) – सालेला ये राम |
    अब ना सहब ये मोदी जी ,
    देश बिरोधी घतिया ,दुशमन के बोलीया ,
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    अस मन करे उनके देशवा भगवती ,
    सविधनवा के बतिया याद आवेला ये राम |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    होते यदि दुश्मन बहरिया ,
    उनके गोलिया चलवती ,देशवा के लोगवा
    सालेला ये राम दुशमन के बोलिया |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    जाये के पड़ी एक दिन सिमवा के ओरिया।
    मनवा जहिया ले बांधेला ये राम |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    दंगा करावे रोज धरना लगावे खूब |
    बांटेला ये राम देश धरमवा जतिया |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    केतनों लगइहे अगिया, जरी नाही देशवा कहियो |
    भावेला ये राम सबके मोदी के बतिया |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |
    मिली जुली रहिहे लोगवा, चलिहे नाही केवनों जोतवा |
    भगावेला ये राम मोदी जी देशवा बिपतिया |
    लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • बधाई हो बधाई

    आया नव वर्ष बधाई हो बधाई
    लेकर आया नव वर्ष घर आपके खुशियो का सौगात |
    बधाई हो बधाई |
    मिटाने हर संकट विपदा बीघ्न बीमारी और आघात |
    बधाई हो बधाई |
    अँग्रेजी वर्ष पर विश्व पैमाना इसको सबने माना है |
    हो उन्नति प्रगति सुख संपत्ति शांति वर्ष बीस ने सुनाई |
    बधाई हो बधाई |
    सुखी हो परिवार आपका मंगल हो संसार आपका |
    दुख दारिद्र दूर हो अन्न धन भरपुर हो होगी भलाई |
    बधाई हो बधाई |
    पूरी हो हर कामना पड़े न कभी दुखो का सामना |
    गूँजे किलकारी बच्चो घर आँगन भारती टेर लगाई |
    बधाई हो बधाई |
    जाये जिधर उधर जयकार हो हर घर मे सत्कार हो |
    मिले खुशियो खजाना गाये प्यार तराना प्रभू है दुहाई |
    बधाई हो बधाई |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] महासचिव -महिला कल्याण समिति ढोरी,बोकारो
    CAG member – Trai ,Govt. of India ,Jharkhand region
    CUTES member – Trai ,Govt. of India ,Jharkhand region
    कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • याद बहुत आएगी

    हिन्दी कविता- याद बहुत आएगी |
    वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
    जो हुआ अच्छा बुरा याद बहुत आएगी |
    उन्नति अवनति प्रगति के पथ पर चले |
    खट्टा मीठा तीखा सबका स्वाद हम चखे |
    यादगार वर्ष रहा उन्नीस दुनिया कहेगी |
    वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
    धारा तीन सौ सत्तर हटी कश्मीर बेड़ि कटी |
    तीन तलाक हटा महीलाओ गुलामी छंटी |
    कोर्ट फैसला राम मंदिर दुनिया पूजा करेगी |
    वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
    नागरिक संशोधन कानून सरकार ने लाया |
    हिन्दू सिक्ख जैन पारसी बिदेशों से बसाया |
    देश सुख शांति समृद्धि उन्नति बयार बहेगी |
    वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
    जो बना मैंने किया जितना हुआ तूने किया |
    छोटों प्यार बड़ो सम्मान सबकी दुआये लिया |
    अमिट छाप लगी जो दिल कभी न जाएगी |
    वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • जमाने लगे

    हिन्दी गजल- जमाने लगे |
    जिस बस्ती बसाने मुझे जमाने लगे |
    बेदर्दी वो मकाने दिल गिराने लगे |
    जब भी गुजरे वो राहे मंजिल मेरे |
    लेकर नाम उनका हम बुलाने लगे |
    सबब रूठने वो मुझको बताता नहीं |
    मिला आशिक नया दास्ता सुनाने लगे |
    रहती उदास बिन आपके कहते थे |
    मेरी हर यादों लम्हो वो भुलाने लगे |
    लाल बिंदिया लाल सिंदूर धरे रह गए |
    पकड़ गैर हाथ मांग वो सजाने लगे |
    है कितना दर्दे दिल उसे मालूम नहीं |
    जख्मी दिल हम उनको दिखाने लगे |
    रहो जहा खुश रहो मेरी जान हो तुम |
    तोड़ा दिल किसी ने आँसू बहाने लगे |
    तू नही तेरी तनहाई है खुश हूँ मगर |
    जुदा हुये कितने दिन हम गिनाने लगे |
    आयेगा लौटके एक दिन वो देखना |
    रोता हुआ भारती वो गले लगाने लगे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

  • जड़वा में रतिया

    भोजपुरी गीत- जड़वा मे रतिया |
    कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
    गरिबिया मे जड़वा के अइली बिपत्तिया |
    सईया सांगवा रहते त रजईया लीवते |
    सांगवा लइकन अपने कोरवा सुतवते |
    साले अहमे अपने सइया के सुरतिया |
    कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
    सर सर पवनवा बदनवा कपावेला |
    जड़वा मे रतिया हमके नींदियों ना आवेला |
    केकरा कही हम आपन दिलवा के बतिया |
    कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
    टुटल मड़ईया हमरो चरपइयो बाड़ी टुटल |
    केवन सौतिनिया सांगवा सइया बाड़े रुझल |
    आवत नईखे सईया घरवा ससुर के नतिया |
    कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
    जल्दी घरवा आवता सइया घरवा छववता |
    टुटल खटीयवा सईया हाली बीनी बनववता |
    काहे भूली गईला भइला तुहु बड़ा घटिया |
    कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • माया में लोभाई

    भोजपुरी निर्गुण – माया मे लोभाई |
    नईहर के छोड़ी आइलू ससुरा के घर मे |
    माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
    झूठ साँच बोली पपवा बसवलु अपना मन मे |
    सोन पिंजरवा छोड़ी सुगना उड़ी जईहे गगन ये राम |
    माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
    पियावा के छोड़ी नेहिया लगवलु देवर ये राम |
    जनिहे जे भेदवा सजना निकली न मूहवा बचन ये राम |
    कईलु ना दान धरमवा जिनगी फसवलु भवर ये राम |
    माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
    जाई ससुरवा नरक मे डलिहे झर झर बहिहे नयन ये राम |
    सास ससुरवा लतवा लगवलु ननद भसूरवा झाड़ू ये राम |
    सजना से कईलू दगाबाजी मटिया मिलवलु जनम ये राम |
    मुंहवा भजन ना कईलू गईलू न गोड़वा तीरथ ये राम |
    परान जब निकसीहे मुंह से थर थर काँपी बदन ये राम |
    लोगवा कहे सुना भाई भारती गुरुजी से नेहिया लगावा ये राम |
    सद्गुरु करीहे पार भवरिया मिलिहे परमगति जनम ये राम |
    माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भारत भाग्य जगाओ

    हिन्दी ओज कविता- भारत भाग्य जगाओ
    जागो हे महाकाल हे महादेव हे हरिहरनाथ तुम |
    करो दंडित दानवो देशद्रोहियों हे भूतनाथ तुम |
    विपदा भारी भारत आज अब आन पड़ी है |
    खंडित करने राष्ट्र दानव सेना चल पड़ी है |
    जाती धर्म मजहब की आग देश लगाते है |
    देश बिरोधी आजादी आवाज सब लगाते है |
    दो सद्बुद्धि सद्द्विचार देशप्रेम हे शम्भूनाथ तुम |
    भारत भाल टीका काला लगने कभी न पाये |
    साजिश सियासत भारत जलने कभी न पाये |
    भोली भाली जनता कानो जहर ये भरते है |
    चौक चौराहो दंगा फसाद अपने भाई मरते है |
    करो तांडव दुशमनों देश अब हे औघड़नाथ तुम |
    हे कृपालु दयालु हे जटाधारी हे त्रिपुरारी |
    खोलो त्रिनेत्र करो भस्म चढ़ो नंदी सवारी |
    डम डम डमरू बजाओ चमचम त्रिशूल चमकाओ |
    मौका पा के दुश्मन न घुस आए भुजंग उसे डसवाओ |
    हे जटाधारी भस्मधारी जागो अब हे गौरीनाथ तुम |
    जटा खोल गंगा बहाओ पापियो पाप मिटाओ |
    हर हर गंगा हरहर महादेव भारत भाग्य जगाओ |
    काँपे थर थर दुशमन भूत बैताल छोड़ो |
    बाल न बांका हो भारत बला मुख मोड़ो |
    हे कैलासपति उमापति हे रमापति नीलकंठनाथ तुम |
    भ्र्स्ट नेताओ मति तुम फेरो घुसपैठीयों चहुं तुम घेरो |
    लड़वाना मरवाना बहकाना बंद करे कुबुद्धि तुम जारो |
    बने भारत महान विश्व की शान शंकर तुमको प्रणाम |
    आदि अनादी शिव अमर तेरी कथा गाउ तेरा गुणगान |
    हे त्रिलोकी नाथ दो भारती भक्त साथ हे अमरनाथ तुम |
    विश्व विजयी बने भारत जय हो तेरी गौरा प्राण नाथ तुम |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • पुर्वी लोक गीत चले ठंडी बयरिया ये सजनी

    भोजपुरी पूर्वी लोकगीत – चले ठंडी बयरिया ये सजनी |
    मुखड़ा – चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
    कांपेला बंदनवा मोर |
    जल्दी से भरीला अंकवरिया
    लागेला जड़वा बड़ी ज़ोर |
    चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
    कांपेला बंदनवा मोर |
    अंतरा 1 – सुना मोर अँखियाँ के पुतरी ,
    भईले प्यार तोहसे मोर |
    बिना तोहरे तरसे नजरिया ,
    उठेला कर्जवा मे हिलोर |
    चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
    कांपेला बंदनवा मोर |
    अंतरा 2 -पतरी कमरिया अँखिया बाड़ी कजरी |
    चले न केवनों दिलवा पर ज़ोर |
    हमके बना ला सजना ये गुजरिया |
    संगे बांधीला जिंगीया के डोर |
    चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
    कांपेला बंदनवा मोर |
    अंतरा 3 – हरदम रहा तू हमरे अँखियाँ के पजरी |
    काहे भइलू तू करेजवा के कठोर |
    बोली बोले हमके गाँव नगरिया |
    निरखी तोहके जइसे चितवे चकोर |
    चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
    कांपेला बंदनवा मोर |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • जान तोहरी याद में

    भोजपुरी गीत- जान तोहरी याद मे |
    जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
    तोहरे बिना गोरी हमरो जियल बेकार बा |
    नैना लड़ाई हमसे चैना छिन लिहलु |
    हमके रोवाई हमरो रैना छिन लिहलु |
    गोरी तोहरे याद मे भुलली दिन अतवार बा |
    जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
    दिल के मंदिरवा तोहे देवी बनवली |
    सपना मे रानी महलिया रची बनवली |
    दिलवा जनी तोड़ा तोहार नैना खतावार बा |
    जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
    गाँव के बगीचवा मे कइलू हमसे वादा |
    बनबू मोर दुलहिनिया भूली गइलू दादा |
    हमरे चर्चा प्यार के पूरा यूपी बिहार बा |
    जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
    सुघर सुरतिया तोहरो दिलवा मे सालेला |
    पाँव पयलिया छम छम कनवा मे बाजेला |
    भूली गइलू काहे हमके चिंता चढ़ल बुखार बा |
    जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • चंद शेर

    चंद शेर /मुक्तक

    लाख करो साजिस बुनियाद हिन्द कोई हिला सकता नही |
    क्रांतिबिरो बलिदान जवानो सहादत कोई भुला सकता नहीं |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

    भारत की मिट्टी माथे तिलक चंदन लगाएंगे हम |
    मातृभूमि के चरणों वंदनऔर सिस झुकाएँगे हम |
    खाया नमक इस धरती नहीं नमक हरामी करेंगे |
    जान जाये तो जाये बदला नमक चुकायेंगे हम |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

    अखंड भारत खंड खंड क्या टुकड़े गैंग करेंगे |
    छप्पन इंची सिनावाला नेटवर्क इनका हैंग करेंगे |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

    हिला ना सकागे बुनियाद भारत जितना ज़ोर लगाके देख लो |
    जल जाओगे खुद ही ताबे हिन्द मजहबी आग लगाके देख लो |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

    है चट्टानी फौलादी इरादा नाम दुनिया हिदुस्तान रहेगा |
    टकराएगा जो हमसे नामो नीसान ना चीन पाकिस्तान रहेगा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

    लहराएगा दूर गगन मगन हमारा झण्डा तिरंगा |
    थर्राएगा दूर दुशमन जय पतित पावनी माता गंगा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर]

  • अमन चैन न हो

    हिन्दी गजल- अमन चैन न हो
    सियासत कैसी जिसमे अमन चैन ना हो |
    साजिस ऐसी जहा भाई से भाई प्रेम ना हो |
    समझते है हम सब जिसे मसीहा अपना |
    लगे धारा एक सौ चौवालिस जुलूस बैन ना हो |
    चमकाने सियासत किस हद तक जाएँगे |
    आलाप बेसुरा राग जिसमे कोई धुन ना हो |
    सही को बताकर गलत हासिल होगा ना कुछ |
    बनेगा कैसे रहनुमा जिसमे कोई गुण ना हो |
    लड़वाकर भाई से भाई को तुम भी ना बचोगे |
    खुलेगा नहीं खाता कुर्सी अच्छा सगुण ना हो |
    अबतक बनाया उल्लू अब ना बना सकोगे |
    नचाओगे कैसे सबको हाथो जब बिन ना हो |
    डर है तुमको जमीन अपनी खिसकने का |
    दिखेगा दूर तलक कैसे पास दूरबीन ना हो |
    फैलाकर दंगा फसाद कुल्हाड़ी पैरो ना मारो |
    रहोगे खड़ा कैसे तले पैरो जब जमीन ना हो |
    समझो देश की नब्ज आबो हवा को तुम |
    रहनुमा वही सर जिसके जुर्म संगीन ना हो |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी
    बोकारो झारखंड

  • दुश्मन भाई में

    भोजपूरी लोकगीत (धोबी गीत )- दुशमन भाई के
    हमरे देशवा के लागल केवना के नजर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    दंगा फइलल सगरो गाँव शहर |
    रचले साजिश गिरावे देशवा खाई मे |
    सबसे महान हऊवे हमरो भारत देशवा |
    दुनिया कप्तान हउवे हमरो भारत देशवा |
    काहे भटकल लोगवा आपन डहर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    मोदी जी महान बनवले नया रे कानूनवा |
    हिन्दू सिक्ख जैनी मिली रहे भारत मे ठीकनवा |
    मुस्लिम रहिहे मिलिके देशवा मे निडर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    रहि जे घुसपैठी खाली उहे बाहर जईहे |
    बिदेशवा मे सतावल भाई देशवा मे रहिहे |
    केवनों खतरा नईखे मुस्लिम निकाला अपना डर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    हत्या लुटपाट फसाद बाहरी करेले |
    भोटवा खातिर नेता लोग उनके पालेले |
    केहु बचिहे नाही घुसपैठीयन के कहर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    तोड़ फोड़ करेला काहे संपत्तियो जरावेला |
    भोटवा के लालच नेता लोगवा भड़कावेला |
    काहे बोवात बाड़ा देशवा मे जहर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
    करा खूब बिरोध बाकी समझा ई कानूनवा |
    फरक नाही पड़ी रही सलमत तोहरो मकनवा |
    झांसा मे न आवा भारती संगे लूटा सब लहर |
    लोगवा दुशमन भईले भाई मे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • पुर्वी गीत कररवा ये रजऊ

    भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

    कई के कररवा ये रजऊ|
    करेजा काहे काढ़ी हो गईला |
    पलटी के ना देखला ये करेजउ |
    धोखा मे हमके डाली हो गईला |
    बोला बोला ये बेईमनवा |
    कईला काहे करेजवा कठोर |
    देखाई के हमके सपनवा |
    बीच भवरा छोड़ी हो गईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    सुना सुना ये घटिहउ
    छतिया फाटेला हमार |
    पकड़ी के हमरो कलईया |
    छोड़ी हमरा तू छलिया हो भईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    आवा आवा हमरे लगवा आवा |
    माना ना बतिया हमार |
    भरी अंकवारिया हो हमके |
    प्यार हमके खाली हो कईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    करेजा काहे काढ़ी हो गईला |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -995550928

  • दिल्ली शहरिया देखा दा

    भोजपुरी गीत- दिल्ली शहरिया देखा दा
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |
    दिल्ली मे जाई कुतुबमिनरिया घूमा दा |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    सुनीला के दिल्ली दिलवालन के नगरिया |
    संसद भवनवा लाल किलवा के नजरिया |
    कनाट पलेसवाके मीना बजरिया घूमा दा |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    मोर भारत देशवा के दिल्ली हउवे रजधानिया |
    बड़े बड़े मंतरी औरी बड़ी बड़ी मकनिया |
    चाँदनी चौकवा के राबड़ी मिठइया खिला दा |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    घूमे खातिर मनवा बाकी जीउआ घबड़ाला |
    हवा पानी बिगड़ल दिल्ली धुआ मड़राला |
    लिहल सांस दूभर आपन उमरिया बचा ला |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    जेने देखा ओने मोटरगड़िया खूब दौड़ेली |
    भक भक साइलेंसरवा धुआ खूब फेंकेली |
    धरना रैली होला रोजे जनी घुमरिया परा दा |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    का करबू गोरी जाइके दिल्ली शहरिया मे |
    मरा जइबु दंगा भइल बीच बजरिया मे |
    मोर करेजउ हो मोहे मोदी जी दरसनिया करा दा |
    मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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  • भोजपुरी गीत-ये देवर जी

    भोजपुरी गीत- ये देवर जी
    अपने भईया से बोली भेजवा दा रज़ाई ये देवर जी |
    आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
    आई गईले पुस जड़वा के दिनवा |
    थरथर कंपावे बैरी पुसवा महीनवा |
    टुटल केवड़िया कईसे लगाई ये देवर जी |
    आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
    ठंढी बयरिया बैरी देहिया कम्पावेला |
    रतिया के बेरिया खूब हमके सतावेला |
    छोट बलकवा बोला कहवा सुताई ये देवरजी |
    आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
    जबसे ऊ गईले उलटियो ना ताकेले |
    तरसी जाला मनवा कबों फोनओ ना करेले |
    सईया बेईमनवा भईले काहे हरजाई ये देवरजी |
    आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
    छोट भईले दिनवा लमहर भईली रतिया |
    दुखवा मे बीते जिनगी फुटल किसमतीया |
    चढ़ाई रेलगाड़िया सईया लगवा देता पहुंचाई ये देवरजी |
    आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी गीत- अपने देशवा के

    भोजपुरी गीत- अपने देशवा के

    भोजपुरी गीत- अपने देशवा के
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |
    बदला चुकाइब तहिया हमहु अपने देशवा के |
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

    जाइब जहिया सिमवा दुशमनवा ललकारब |
    फटी जाई छतिया दुशमन जईसे शेरवा दहाड़ब |
    मारी गिराइब गोलिया सबके निमनवा से |
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

    डरब नाही तनको हमरो छप्पन इंची छतिया |
    ओढ़ब कफन तिरंगवा सुना मोर संघतिया |
    घुसे नाही देईब घुसपैठिया एको बिदेशवा के |
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

    हमरो माई हमके आफ्न दुधवा पियवले |
    खिलाई पिलाई गबरू जवनवा बनवले |
    हिन्द के टोपी जूता मारब उनके बंदूकवा से |
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

    नसवा मे दौड़े गोरी हमरे हिन्द लाल खुनवा |
    मरे खातिर देशवा हिलोरे मोर जनुनवा |
    सेना वाली वर्दी पहिनब सलाम यही भेषवा के |
    तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी कविता – ये राजनीती है |

    हिन्दी कविता – ये राजनीती है |

    हिन्दी कविता – ये राजनीती है |
    न कोई सिद्धान्त न ईमान ये राजनीति है |
    न कोई भगवान न शैतान ये राजनीति है |
    जो है आज दोस्त कल बन जाएंगे दुश्मन |
    न कोई हिन्दू न मुसलमान ये राजनीति है |
    मिले पद पावर जोड़ तोड़ करना पड़ता है |
    डूबे या उबरे सारा हिंदुस्तान ये राजनीति है |
    देश मे हो हजारो समस्याए तो रहने दो |
    बैठे कुर्सी अपना खानदान ये राजनीति है |
    कहते कुछ और करते कुछ और है सब |
    चाहे सारी जनता हो परेसान ये राजनीति है |
    चूनाव से पहले सब गठबंधन करते है |
    बाद परिणाम करते हलकान ये राजनीति है |
    देश के मुद्दे मसले दुश्मन सब हासिये पर |
    रह गए पीछे देश के अरमान ये राजनीति है |
    देश के लिए लड़े जीते सोचे करे कोई तो |
    करे देश जिसपर अभिमान ये राजनीति है |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न |

    हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न |

    हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न |
    हुआ फैसला राम मंदिर नहीं हार न जीत जशन करे |
    बना रहे अमन चैन वतन राम रहीम सब नमन करे |
    विवाद सैकड़ो सालो काअब सबने मिल खत्म किया |
    मिला झोली जिसके जो भी सब उसका जतन करे |
    मंदिर राम बने अयोध्या मे बने मस्जिद भी जरूरी है |
    मिटाकर गीले शिकवे बन के भाई आओ भजन करे |
    सदियो रहे मिलके आगे भी दस्तूर ये जींद रहे हमारा |
    लाख चाहे कोई करना अलग मिल सब समन करे |
    है मक्का मदीना इबादतगाह पाक घर खुदा का |
    अयोध्या है जन्म भूमि श्रीराम बने मंदिर प्रयत्न करे |
    जीत लेते किला दुशमन जश्न मनाते ढ़ोल नगाड़ो से |
    हुआ फैसला भाई से भाई का क्यो मन मगन करे |
    लिखा गया स्वर्ण अक्षरो नाम इतिहास पंच जजो का |
    दिया फैसला ऐतिहासिक मिल विकाश वतन करे |
    दूरियाँ दिलो दूर करना है बढ़ी खाइयाँ अब भरना है |
    बने भव्य मंदिर राम अयोध्या संकल्प मनन करना है |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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  • भोजपुरी कविता- भारत देशवा

    भोजपुरी कविता- भारत देशवा
    दुनिया मे सबसे महान |
    भारत देशवा मोर जान |
    कश्मीर से कन्याकुमारी
    हऊवे एक ही दुआरी |
    यूपी बुहार बाड़े शानवा हमार |
    हरियाणा पंजाब उगावे सोनवा बघार |
    गुजरात राजस्थान दुधवा अघान |
    भारत देशवा मोर जान |
    उड़ीसा बंगाल हऊवे चऊरा के खान |
    खनिजवा के खान झारखंडवा के नाम |
    महाराष्ट्र आंध्रा अऊरी मध्य प्रदेश |
    तमिलनाडु देले सबके सुंदर संदेश |
    करी केतना देशवा गुणगान |
    भारत देशवा मोर जान |
    केरल कर्नाटक ज्ञानवा भंडार |
    जंबू कश्मीर करे सिमवा खबरदार |
    लद्दाख हिमाचल अरुनाचल अखंड |
    उत्तराखंड ठंडा शीतल बहे हवा प्रचंड |
    कही फड़के बीर भुजा हिंदुस्तान |
    भारत देशवा मोर जान |
    कही जन्मे महारणा कही लक्ष्मी बाई |
    सम्राट आशोक चमके लीलार दुहाई |
    आजाद भगत गरजे कही नेता शुभाष |
    अहिंसा पुजारी पिता गांधी देशवा आस |
    देव ऋषि मुनि जन देवे देशवा वरदान |
    भारत देशवा मोर जान |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी गजल- दिल की किताब |

    हिन्दी गजल- दिल की किताब |

    हिन्दी गजल- दिल की किताब |
    दिल की किताब तेरी पढ़ लूँ तो क्या होगा |
    बिन कहे बात तेरी जान लूँ तो क्या होगा |
    जितना चाहो छिपा लो छिपा ना सकोगे |
    भाषा तेरी आंखो समझ लूँ तो क्या होगा |
    तू मेरे सामने रहे न रहे तुझे पहचान लूँगा |
    हवाओ गंध तेरी मै सूंघ लूँ तो क्या होगा |
    तू गम सहे मुझे मालूम न हो नामुमकिन |
    गम सारे तेरे अगर छिन लूँ तो क्या होगा |
    कुछ कहे न कहे राज फिजाँ बता देगी |
    तेरे लब्ज जुबां बयां कर लूँ तो क्या होगा |
    दो जिस्म समझने की भूल हमे न करना |
    तू मुझमे मै तुझमे समां लूँ तो क्या होगा |
    जुदा होना चाहे जुदा हो ना पाएगा मुझसे |
    तेरी तन्हाई तेरे रूबरू हो लूँ तो क्या होगा |
    जाना है जहा छोड़ मुझे जाकर देख लो |
    तुझे बाहो आगोस खींच लूँ तो क्या होगा |
    मेरे बेगैर तू नहीं मेरे बिना तू नही मान लो |
    तुझे मेरे दिल आंखो बसा लूँ तो क्या होगा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी

    हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी

    हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी
    गिरा तो फिर भी उठ जाएगा |
    झुका नहीं तो तू टूट जाएगा |
    छूना है आसमान की बुलंदी |
    पाँव उठा तो आधार छुट जाएगा |
    हारा भी तू योद्धा लड़ा तो सही |
    पीछे मुड़ा मुकद्दर रूठ जाएगा |
    सफर क्या जिसमे आंधिया न हो |
    हौसला रख तू गुबार फुट जाएगा |
    मांगना है हिम्मत मांगो खुदा से |
    मंजिल मिलेगी अंधेरा छंट जाएगा |
    पाना मुकाम आसान नहीं होता |
    जुनून की हद रोड़ा हट जाएगा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • भोजपुरी कविता- सूझबूझिया लगइबा ना त |

    भोजपुरी कविता- सूझबूझिया लगइबा ना त |

    भोजपुरी कविता- सूझबूझिया लगइबा ना त |
    सूझबूझिया लगइबा ना त कईसे होइहे किसनिया |
    धनवा कटाई खेतवा जोताई करा गेहुआ बोवनिया|
    गोबरा के खदीया खेतवा मे डलिहा मटिया मिलाई |
    खर पतवरवा चुनी निकलिहा हरवा बयलवा चलाई |
    आइब हमहु खेतवा बनाई लिट्टी चोखा औरी चटनिया |
    किट पतंगवा से गेंहुआ बचावेके सङ्गे दवइया डालेके |
    सूझबूझिया लगाई जानवर चउआ से खेतवा बचावेके |
    लह लहलहाई हरियर गेंहुआ बलिया बही पवनिया |
    समईया देखि सिंचल जाई खेतवा पनिया निरमल हो |
    खेतवा परति ना छोड़िहा बोई दीहा धनिया हरियर हो |
    पकी जइहे गेहुआ काटी भरी दीहा सइया खरिहनिया |
    बाल बच्चा खइहे घरे गाँव नगरिया सबके खियाइब |
    भुखल ना रही केहु देशवा भूखिया अबके मिटाइब |
    सूझबूझिया मार भगाइब दुश्मन पापी पाकिस्तनिया |
    सूझबूझिया लगइबा ना त कैसे होइहे किसनिया |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा |

    हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा |

    हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा |
    तेरी जुल्फ नहीं जो बिखर जाऊंगा |
    आजमा लो हद से गुजर जाऊंगा |
    झोंका गिरादे रेत की दीवार नहीं |
    तेरे वादे मै ताउम्र ठहर जाऊंगा |
    तू है तो मै, मेरी जिंदगी ये दुनिया |
    गर तू नहीं अगर मै किधर जाऊंगा |
    मेरा इश्क इबादत तेरा दिल पत्थर |
    हो करम खुदा बनके सुधर जाऊंगा |
    मै समन्दर नहीं अपनी हर हद मे रहूँ |
    तेरी हंसी हर वादे मै मुकर जाऊंगा|
    मै तेरा शेर तू मेरी गजल की तरह |
    दील हो असर बन मै बहर जाऊंगा |
    हवा का झोंका नहीं बह नहीं सकता |
    तेरा साया जाये जिधर उधर जाऊंगा|
    खुद को तन्हा समझ मायूस मत होना |
    तेरी हंसी बनके नगमा मुखर जाऊंगा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी कविता – नाम हिंदुस्तान हमारा |

    हिन्दी कविता – नाम हिंदुस्तान हमारा |

    हिन्दी कविता – नाम हिंदुस्तान हमारा |
    नाम हिंदुस्तान हमारा होगा काम तमाम तुम्हारा |
    रहो अपनी औकात बुरा होगा अनजाम तुम्हारा |
    हर तरफ घिर चुके निगाहों सबकी गिर चुके तुम |
    टकराए जो हमसे तुम टूटेगा यूं गुमान तुम्हारा |
    हमारी चिंता छोड़ो अपनी बदहाली गरीबी देखो |
    करके हमे लहूलुहान पहुंचा कहा मुकाम तुम्हारा |
    भेजा तुमने कितने कातिल हमारे कत्ल के वास्ते |
    पहुंचाया दहसतगर्दो जहन्नुम छिना मुस्कान तुम्हारा |
    चाहा था करेगा बदनाम हमे मगर खुद ही हो बैठा |
    घर के मामले उठाया बाहर हुआ नुकसान तुम्हारा |
    भेजा था जिसे बनाने पत्थरबाज़ हमारे भाइयो को |
    दबोचा अपनी मुट्ठी उसे खुदेगा कब्रिस्तान तुम्हारा |
    रोज शेखिया बघारना छोड़ दे धमकाना छोड़ दे |
    सम्हालेगा ना एक वार मिटेगा आतंकिस्तान तुम्हारा |
    मिला ना चैन तुम्हें हुआ टुकड़ा बांग्ला देश बना |
    बंद करो साजिसे छुट ना जाए ब्लूचिस्तान तुम्हारा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिंदी ग़ज़ल-बचना भगवान भी चाहिए

    हिन्दी गजल- बचना भगवान भी जरूरी |
    हिन्द जमीं राम भी जरूरी और रहीम भी जरूरी |
    बना रहे सबमे भाईचारा दिलो यकीन भी जरूरी |
    दो कदम तुम बढ़ो और दो कदम हम भी बढ़ेंगे |
    राम जमीं फैसला जो हो होना मंजूर भी जरूरी |
    सदियो दरियादिली सदभाव की मिसाल भारत |
    वर्षो रहे राम से दूर बचना हिंदुस्तान भी जरूरी |
    मामला मर्यादा श्रीराम जन्मभूमि या मदीना का |
    दिया जन्म मानव वही बचना इंसान भी जरूरी |
    बात कहनी नहीं करनी थी मुद्दा अदालत न जाता |
    जो हुआ वो हुआ बचना मगर ईमान भी जरूरी |
    काशी हो या काबा सबमे बस एक वही बसता है |
    तुम मानो हम भी माने बचना भगवान भी जरूरी |
    मंदिर मस्जिद गिरिजा या गुरद्वारा तोड़ा नहीं जाता |
    बात आस्था अस्मिता बचना स्वाभिमान भी जरूरी |
    किया जो दुश्मनों ने तुम भी करो वही ये सही नहीं |
    दे दो हमारी इबादतगाह बनना भाईजान भी जरूरी |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • भोजपुरी गीत कटार तोरे नैना

    भोजपुरी गीत(श्रिंगार रस )- बरछी कटार तोहार नैना |

    बरछी कटार तोहार नैना दिल के पार हो जाई |
    ओ ओ सजनी हमार होस उड़ा जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
    होठवा से छलके तोहार मदवा के प्याला |
    हिरनी जईसन कारे नैना बाड़े मतवाला |
    गोरे गोड़वा के पायलिया जब छनका जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
    मिटावा मिटावा पियासिया के लगन की |
    रात दीन सतावे गंधवा तोहरे बदन की |
    नींदिया भोराई हाथ तोहरे जब सेज सजी जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
    हम रहली कुंआर और तू कुंआरी
    अबले रहल मन हमरो बाल ब्र्म्हचारी |
    हमरो तपस्या बरिस के छन मे लूटी जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई | -2
    बरछी कटार तोहार नैना दिल के पार हो जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
    सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |-2

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  • हिन्दी गजल- बंजर भूमि की रोटी |

    हिन्दी गजल- बंजर भूमि की रोटी |

    हिन्दी गजल- बंजर भूमि की रोटी |
    बहारों के मौसम गुल खिल जाये दिखाना मुझे |
    बागो फूल भवरा गर मिल जाये दिखाना मुझे |
    जहर भर दिया फिज़ाओ मिल हमने और तुमने |
    मिट्टी बीज अंकुर गर निकल आए दिखाना मुझे |
    गोबर खाद मिल मिट्टी पैदावार बढ़ाती थी कभी |
    यूरिया फास्फेट जमी खिल जाये दिखाना मुझे |
    गाय बैल और जानवर अब कोई पालता ही नहीं |
    ट्रेकटर मशीन खेती गर बढ़ जाये दिखाना मुझे |
    तालाब कुआ पोखर युही नहीं खोदवाते थे लोग |
    बिना इनके जमी पानी मिल जाये दिखाना मुझे |
    जमी की नमी जरूरी है खेती किसानी के लिए |
    बिना पानी खेत बीज उगने लगे दिखाना मुझे |
    खाद रासायन जितना मिलाओगे जहर खाओगे |
    शब्जी बुझी जहर खा कोई हँसता मिले दिखाना मुझे |
    हमारी लापरवाही मिट्टी की जान जा रही अब |
    बंजर भूमि की रोटी कोई खाता मिले दिखाना मुझे |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी कविता- राम लीला

    हिन्दी कविता- राम लीला

    हिन्दी कविता- राम लीला
    जलाना बुराई जलाओ पुतला रावण जलाने से क्या फायदा |
    मन रावण को मारो नकली रावण जलाने से क्या फायदा |
    रहे सलामत सम्मान साहित हर घर की बहू बेटियाँ देश मे |
    बन जाये सभी मर्यादा श्रीराम कानून बनाने से क्या फायदा |
    जलाओ धु धु भ्र्स्टाचार अत्याचार पापाचार युग बदलना है |
    ज्ञान विज्ञान पोथी पतरा केवल पढ़ने रटाने से क्या फायदा |
    लोभ लालच वासना काम क्रोध कपट के वस सभी है यहा |
    बुराइया खुद ही मिटाओ दोष गैरो गिनाने से क्या फायदा |
    एक रावण राम ने मारा लाखो रावण पैदा हुये सब तरफ |
    सब बन जाओ राम अब रामलीला दिखाने से क्या फायदा |
    जिनको समझते है दानव उनको मानव बनाए हम सभी |
    दिल अपने बसालों राम अब रावण जलाने से क्या फायदा |
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  • भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- हमरे काली माई |

    भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- हमरे काली माई |
    सबके त दिहलु माई गोदिया स्थनवा |
    हमरे काली माई |
    हमके काहे कईलू नजरियो मुहाल |
    हमरे काली माई |
    सबके त दिहलु माई पद औरी नमवा|
    हमरे काली माई |
    हमके काहे कईलू चरनियों मुहाल |
    हमरे काली माई |
    सबके त दिहलु माई महल मकनवा |
    हमरे काली माई |
    हमके काहे कईलू दरसनियों मुहाल |
    हमरे काली माई |
    सबके त दिहलु माई महल मकनवा |
    हमके काहे कईलू वरदनियों मुहाल |
    हमरे काली माई |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिहिन्दी कविता -मोहब्बत की कली |

    हिहिन्दी कविता -मोहब्बत की कली |

    हिन्दी कविता -मोहब्बत की कली |
    हमने क्या जुर्म किया तू किसी और होके चली |
    खिल के मुरझा गई मेरी मोहब्बत की कली |
    तुम बदल जाओगे कभी हमने सोचा ही नहीं |
    तोड़ दिल निकल जाओगे ख्याल रखा ही नहीं |
    करके वादा तेरा मुकर जाना मुझको है खली |
    अब ना दिल किसी से लगाएंगे कसम खाई है |
    तेरे जैसे होते माशूका यही सोच शरम आई है |
    क्यो तेरी दुनिया खुदा मोहब्बत नहीं है फली |
    रहे जहा भी तू कभी भूले याद करना मुझे |
    बदनाम ना हो मोहब्बत किसी न कहना इसे |
    गम मिले मुझको तुझको खुशिया जहा की भली |
    हमने क्या जुर्म किया तू किसी और होके चली |
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  • भोजपुरी देवी गीत 6 -पंडित जी बुला देई ना |

    भोजपुरी देवी गीत 6 -पंडित जी बुला देई ना |

    भोजपुरी देवी गीत 6 -पंडित जी बुला देई ना |
    लड़की – दुर्गा माई के करब पूजनवा|
    पंडित जी बूला देई ना | 2
    नवरातन मे आसन माई लगाइब | 2
    दुअरा लिपा देई ना |
    लड़का- दूरगा माई के करिहा पूजनवा |
    पंडित जी बुला देईब ना |2
    पुजवा के तोहके तैयारी कराइब | 2
    दुअरा लिपा देईब ना |
    लड़की -चुनरिया ले अईहा सईया लाली |
    माई जाली रीझाली | 2
    मईया मनाई सईया |
    दिहे उहे खुशियाली |2
    कोहरा बनवावा कलसा बरतनवा |
    माई कलसा बिठा दी ना 2
    दुर्गा माई के करब पूजनवा |
    पंडित जी बुला दी ना |
    लड़का- लाली चुनरिया माई के लियाइब |
    दुर्गा माई के मनाइब -2
    नवाडीन करिहा वरतवा |
    सांगवा हमहूँ रही जाइब |2
    कोहरा बनवाइब कलसा बरतनवा |
    गोरी कलसा बईठा ला ना |
    दुर्गा माई के करिहा पुंजनवा |
    पंडित जी बुलाइब देईब ना
    लड़की -मईया आशीष मांगब संतोष
    सिसवा झुका ला ना |2
    दुर्गा माई के करब पूजनवा|
    पंडित जी बूला देई ना |2
    लड़का- माई चरनिया छोडब ना भारती
    मईया मना ला ना |2
    दुर्गा माई के करिहा पुजनवा |
    पंडित जी बुलाइब देईब ना | 2
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • भोजपुईर देवी गीत 5- डाली दा नजरवा |

    भोजपुईर देवी गीत 5- डाली दा नजरवा |
    अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |
    टूटल हमरा दुख के पहड़वा |

    रानी महारानी माई दानी तू कहालू हो |
    दयालु कृपालु माई काली तू कहालु हो |
    लागल हमरो अरमनवा भरी दा चदरवा |
    अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

    अंधरा के आँख बांझन के पुत्र तू देलु हो |
    कोढ़ियन के काया निर्धन के माया देलु हो |
    करेला जय जयकर गाँव पूरा नगरवा |
    अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

    जगजननी माभवानी लोगवा कहेला हो |
    हो जाला उद्दार उनकर माई जे पूजेला हो |
    दे दा शरनिया देवी अपने पजरवा |
    अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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  • हिन्दी देवी गीत- चरणों मे जगह

    हिन्दी देवी गीत- चरणों मे जगह

    हिन्दी देवी गीत- चरणों मे जगह
    तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो |
    बन के मेरी माँ तुम मुझे जीने की वजह दे दो |
    जग की माता हो पूजे तुमको माँ जग सारा |
    बल बुद्धि प्रदाता हो जीवन कर दो उजियारा |
    दुनिया कुछ काम करूँ मुझको माँ सतह दे दो |
    तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|
    तुझे छोड़ माँ कहा जाऊ जग नही ठिकाना है |
    अब जीवन तेरे तरण माँ पूरी उम्र बिताना है |
    मै हारा हरदम माँ मुझे अब तो फतह दे दो |
    तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|
    कृपा की सागर है दुनिया तेरी करती आदर है |
    दया की दरिया है भर दो फैली मेरी चादर है |
    जगदम्बे जगजननी मुझपर करम निगह दे दो |
    तेरा डेरा ऊंचा सबसे तू है माँ दुनिया है तबसे |
    त्रिदेवो की तुम माता भारती पड़ा शरण है कबसे |
    गाउँ तेरी महिमा माँ मेरा जीवन निबह दे दो |
    तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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    ईमेल- shymakunvarbharti@gmail.com

  • भोजपुरी गीत – दिल ना लगे

    भोजपुरी गीत – दिल ना लगे

    भोजपुरी गीत – दिल ना लगे
    सुखी के कांटा भईली रानी तोहरे इंतजार मे |
    दगा काहे दिहलु रानी बोला हमके प्यार मे |

    आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |
    जिरह करा जनी गोरी इश्क केवनों वकील ना लगे |

    कटी जाला दिनवा कसहूँ नींदिया भोराइल रतिया |
    करा जनी नादानी सजनी माना मोर बतिया |
    करा हमसे प्यार यार कबों बेदिल ना लगे |
    आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

    चाँद के अंजोरिया बदलवा मुंहवा निहारेला |
    अँचरा उड़ावेलु त पवन तनवा झंकोरेला |
    दिलवा के बात रानी कबों अश्लील ना लगे |
    आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

    कनवा मे बाली लटके ,बिंदिया मथवा मे चमकेला |
    अँखिया कजरा टहके केसिया गजरा खूब महकेला |
    डुबावा जनी अँखिया हमके भारती झील ना लगे |
    आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -995550928
    ईमेल- shymakunvarbharti@gmail.com

  • भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

    भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

    कई के कररवा ये रजऊ|
    करेजा काहे काढ़ी हो गईला |
    पलटी के ना देखला ये करेजउ |
    धोखा मे हमके डाली हो गईला |
    बोला बोला ये बेईमनवा |
    कईला काहे करेजवा कठोर |
    देखाई के हमके सपनवा |
    बीच भवरा छोड़ी हो गईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    सुना सुना ये घटिहउ
    छतिया फाटेला हमार |
    पकड़ी के हमरो कलईया |
    छोड़ी हमरा तू छलिया हो भईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    आवा आवा हमरे लगवा आवा |
    माना ना बतिया हमार |
    भरी अंकवारिया हो हमके |
    प्यार हमके खाली हो कईला |
    कई के कररवा ये रजऊ|
    करेजा काहे काढ़ी हो गईला |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -995550928

  • भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा |

    भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा |

    भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
    चला माता जी के दरबार |-3
    बेष्णो धाम चला ये सजनवा |-3
    कटरा से माता जी के कठिन डगरिया |-2
    ऊंचे रे पहड़वा चला रे गुजरिया |-2
    करा माई के जय जय कार |
    बेष्णो धाम चला ये सजनवा |-2
    शेर के सवरिया ऊनकर हाथ त्रिशूलवा |
    नारियल सुपारी चढ़े लाल अढ़हुलवा |
    पूरा करीहे मनसा तोहार |
    बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
    भैरव के मारी माई अमर कई दिहली |
    संगवा अपने भैरव पूजा कराई दिहली|
    संतोष भारती अइले चरनिया तोहार |
    बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
    चला माता जी के दरबार |
    बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -995550928

  • भोजपुरी देवी गीत 2 -अबोध बलकवा जानी |

    भोजपुरी देवी गीत 2 -अबोध बलकवा जानी |

    भोजपुरी देवी गीत 2 -अबोध बलकवा जानी |

    माई मोर कईली शेरवा सवारी जी |
    अईले भक्त देवी तोहरी दुआरी जी |

    आपन रूपवा ये माई हमके तू दिखईह |
    अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

    बहुते असरा लगाई अइली तोहरी दुआरी |
    बजरे तोहार माई खोला तू केवाड़ी |
    दरस के पियास आस हमरो तू मिटइह |
    अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

    दिन दुखियन के दुखवा तू हरेलु |
    कोढ़ियन के काया बांझ अँचरा तू भरेलु |
    हम हई भिखारी हमके खाली जनी लउटइह |
    अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

    शुंभ के मरलु जाई निशुंभ के मरलु |
    दुर्ग रक्षसवा चढ़ी गरदन उतरलु |
    संतोष भारती आई सारथी तू बनी जइह |
    अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |
    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी देवी गीत बीच भवर में नईया

    भोजपुरी देवी गीत 1 – बीच भवर मे नईया |

    लड़का- माई आवा ना दरस दिखावा ना |
    अईले नवरातन देर लगावा ना |
    लड़की -चाहे मरब चाहे जीयब तोहके भोगवा लगाना है |
    बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

    लड़का -लेके चुनरिया फूल अड़हुलवा के |
    नारियल सुपारी भावा हमरे दिलवा के |
    लड़की – होई चाहे देरिया माई बिना दरस नहीं जाऊँगी |
    गईया के घिउया माई आरती तेरी उतारूंगी |
    बेटी हम तोहार तोहके माई बन के दिखाना है |
    बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

    लड़का- गावे संतोष भजनिया भारती हथवा दोनों जोड़ी के |
    अइली तोहरे दुअरिया माई दुनिया सारी छोड़ी के |
    लड़की – करो किरीपा माता अंसुवन चरण मै धोऊँगी |
    गोदी मे बलकवा अँचरा सुखवा मै पाऊँगी |
    लड़का – केहु नाही हमार जगवा असरा तोहरे लगाना है |
    बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

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