Beti ki pukar

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कहती है सरकार यहां,
बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ,
पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा,
कभी था हमारा देश,
सारे जहां से अच्छा,
हिंदुस्तान हमारा,
अब तो इंसानियत न बची यहां,
अब तो जमीर मर गई हैं यहां,
रिश्तो का कत्लेआम हो रहा,
बेटियां जाए तो जाए कहां,
हर जगह है भेड़ियों की फौलाद यहां,
बेटी घर से निकलना छोड़ दे?
वह अपने अरमानों का गला घोट ले?
अब है यह वक्त की पुकार यहां,
पारित हो नया कानून यहां,
उन भेड़ियों के लिए जेल कोई सजा नहीं,
इन्हें तो चाहिए फांसी की सजा यहां,
तभी तो होगा देश का कल्याण यहां |

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9 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 2, 2019, 7:08 pm

    मार्मिक भाव

  2. देवेश साखरे 'देव' - December 2, 2019, 11:36 pm

    सुन्दर

  3. Abhishek kumar - December 3, 2019, 1:08 pm

    Awesome

  4. Ashmita Sinha - December 4, 2019, 6:40 pm

    Nice

  5. Pragya Shukla - December 9, 2019, 8:49 pm

    वाह

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