आदरणीय ‘कार्टूनिस्ट ‘ प्राण जी को श्रद्धांजलि याद तो बहुत आओगे और भूलना बेहद मुश्किल तुम मेरे यादों में बसे तुम मेरे बचपन के साथी तुम मेरे भीगी आँखों की मुस्कान तुम मेरे सपनो को […]

अब तो दिन बौने आदमकद रातें हो गई है बर्क आसमां पे आँखों से बरसातें हो गई है किस वफ़ा की तलाश में सिर खपाते हो वफ़ा की बातें डायनासोर की बातें हो गई है […]

तेरे इशक की शराब पी मैंने बरसों पी मैंने पर बहक गया आईना मेरा रकीब लगता है मुझे यह आईना मेरा देखता है कोई भी सूरत इसमे अपनी दिखाता है उसको यह बस चेहरा तेरा […]

मयकदे की सीढ़ियाँ तो चढ़ ना पाए कैसे रख पाओगे लाज़ तुम पैमाने की बीच राह् में ही कही तुम बहक गए कदम मंज़िल से पहले ही भटक गए बातें करते थे तारों और आसमानो […]

ए ज़िन्दगी   जीतेंगे हम जीतेंगे इस मुश्किल को भी जीतेंगे जीतेंगे हम जीतेंगे हम हारी बाज़ी जीतेंगे जीतेंगे हम जीतेंगे भँवर से गुज़र कर जीतेंगे जीतेंगे हम जीतेंगे तुझे पार लगा फिर जीतेंगे                           […]

चाहे दिन और रात के ख्वाबों का इक दूजे से कोई रिश्ता नाता नही दिन के ख्वाबों ने अकसर दे धोखा यूई को रातों में खूब तड़पाया है                                           …… यूई

कुछ ख्वाब होते हैँ जलती चिंगारी उनका मिट कर बुझना है ज़रुरी कुछ ख्वाब होते हैँ मौत से भारी उनको जन्मा कर मिटाना भी ज़रुरी                                   …… यूई

ख्वाब चुनते है अकसर हर तस्वीर अधूरी हो हर तस्वीर पूरी यह कतय नही ज़रूरी ख्वाहिश-ए-दिल तेरे की क्या मर्ज़ीया यहा पढ़ सकता है तो पढ़ टूटी सी तस्वीर अधूरी                                                         …… यूई

वोह दिन के हो या रात के वोह ख़ुद के हो या मीत के ख्वाब तो आख़िर ख्वाब हैँ ख्वाबों को ख्वाब ही रह ने दो ना डालो इनमें अरमान भींच के                                 …… यूई

नए ख्वाबों का आना भी ज़रुरी है पुराने ख्वाबों का जाना भी ज़रुरी है है इनक़ी फि़तरत कुछ हमारी मानिंद नये के लिए पुराने का जाना भी ज़रुरी है                                             …… यूई

ख्वाब भी है कुछ हमारे ही जैसे चाहे दिखते हैँ बाहर से इक जैसे उम्र यहां किसी की पूरी किसी की अधूरी उम्र ख्वाबों की भी कभी पूरी कभी अधूरी                                             …… यूई

तेरी आरजू में मुझे जुदाई ही मिली है! जुदा हालात में मुझे तन्हाई ही मिली है! अब नाकाम हो चुकी हैं मेरी मंजिलें सभी, वफा की राह पर मुझे रूसवाई ही मिली है! Composed By […]