बेहिसाब दर्द देकर मेरी रूह को वो मेरे ज़ख्मों पर मरहम लगाने आया है उससे पूछो मरहम ही है नमक छिड़कने तो नही आया है।

जो तू चाहे वो तेरा हो, रोशन रातें और खूबसूरत सवेरा हो, जारी रहें हमारी दोस्ती का सिलसिला, कामयाब हर मंजिल पर दोस्त मेरा हो|*

सपने भी हकीकत मे बदल सकते है। छूटे हुये लोग फिर से मिल सकते है।। गर हौसला है और खुदा पर यकीन । तो रेगिस्तान मे भी फूल खिल सकते है।

मैंने पूछ ही लिया था एक दिन गुडहल से इतनी हिम्मत तू कहां से लाता है मैं मुरझा जाती हूं थोड़े से दर्द से तू टहनी से टूट कर भी खिल जाता है खूबसूरती से […]

कोई क्या होड़ करेगा भारतीय नारी की क्या खूब ही संवारती हैं वो अपने सिंगार को वहीं वीरता के चर्चे भी कम नहीं उनके उंगली पर जाँचती हैं तलवार की धार को

माना मौत से सबको डर लगता है, पर बुरे काम करने से परहेज नही है। परहित करके देखो शान्ति मिलती है, न हुआ फायदा तो कोई नुकसान भी नही है।।