Category: शेर-ओ-शायरी

  • फिर मन

    फिर मन करता है तुमसे बात
    करने का
    मगर करेगें नहीं
    तुम्हें छोड़ने का फैसला ना बदलेंगे

  • उनके देखने का

    उनके देखने का अंदाज़
    कातिलाना है
    जब देखते हैं तो एक बिजली सी
    दौड़ जाती है

  • वो राज़ी

    राज़ी हो गए वो और
    हमने रंग लगा दिया
    क्या हुआ अगर
    आज दूसरा दिन था…

  • महसूस

    तुझे महसूस करने की कोशिश की
    मगर महसूस कुछ भी ना हुआ
    ना जाने क्यूँ तेरे जाने के बाद
    आँख भर आई

  • श्रिंगार

    करूँ कितना भी श्रिंगार मगर
    जानती हूँ मैं
    तेरे आगे कुछ भी नहीं हूँ

  • करूँ

    करूँ कितना भी श्रिंगार मगर
    जानती हूँ मैं
    तेरे आगे कुछ भी नहीं हूँ

  • उनकी सादगी

    बार- बार रोंकती हूँ मैं खुद को
    मगर उनकी सादगी पर मर ही जाती हूँ

  • दर्मियां

    दर्मियां उनको हमने पा करके
    ना हमने पाया और ना खो पाये

  • वो आये

    वो आये और हमें मुस्कुरा
    के देखते रहे
    हम नाराज़ थे
    आँख उठा के भी नहीं देखा उनको

  • तेरी अदा

    तेरी अदा ने हमको दीवाना कर दिया
    मुझे मेरी ही दुनिया से बेगाना कर दिया
    आज सोचते हैं कि काश ना मिले होते तुझसे
    काश कि ना फना होते तुझपे।

  • परीक्षा की घड़ी

    मेहनत में जुटे हैं जी जान से हम तो
    परीक्षा की घड़ी में कहीं और मन ना भटके
    तर्जनी के छूने से ढहने का डर है
    तप की तपन बिना है कच्चे मटके

  • मेरे रंग

    मेरे रंग धरे के धरे ही रह गए
    वो आये और मेरी बेचैनी बढ़ा के चल दिए

  • तुम जाते हो

    तुम जाते हो तो
    वापस भी आ जाते हो
    हम जिस दिन चले गए
    दिल में क्या
    ख्वाब में भी ना आएंगे

  • वो

    वो जितनी मोहब्बत से हमें
    देखते हैं काश !
    उतना प्यार भी करते तो
    कैसा होता!

  • हम इतने सस्ते

    हम इतने भी सस्ते नहीं कि
    चंद पैसों में बिक जायें
    मेरे पापा कहते हैं:- मैं लाखों में एक हूँ

  • चंद दिन

    चंद दिन बचे हैं हम
    दूर चले जायेंगे
    कहे दे रहे हैं फिर लौट कर
    ना आएंगे

  • मेरे जनाजे

    वो मेरे जनाज़े के
    इंतजाम में लगे हैं
    उन्हें बता दे कोई कि
    अभी भी हम मरे नहीं
    बाकी है हममें सब्र आज भी।

  • वैसे माफ भी

    वैसे माफ भी कर देते तुम्हें
    मगर तुमने इतने सितम किए
    कि अब माफ करने की गुंजाइश ना रही

  • रूबरू तुम

    रूबरू तुम हुए मगर
    अफसोस इतना है कि
    मेरे हो कर भी तुम मेरे ना हुए

  • गुजारिश की उसने

    गुजारिश की उसने पर
    मैने ना सुनी
    शिकायत की उसने
    मगर मैंने ना सुनी
    यही सोच कर…..
    कि उसने भी मेरी
    कहां सुनी थी जब हमें उसकी जरूरत थी….

  • तमाम

    तमाम इन्तज़ार के बाद
    वो आये थे
    उनकी नजरों ने बहुत शिकायतें
    की मेरी आँखों से

  • बन रंगरेज इस तरह रंग डाले

    बन रंगरेज इस तरह रंग डाले,
    रंग ए रूह और भी निखर जाए।
    मिले गले इस तरह दोस्त बनकर,
    दुश्मनी हो अगर, टूटकर बिखर जाए।।

  • हया

    खत्म इन्तज़ार हो गया
    वो आ तो गए
    बुरा हो हया का
    हम सामने ही ना पड़े

  • जुनून

    जुनून हद में रहे तो अच्छा है
    बस मुहब्बत हद से बाहर होनी चाहिए

  • भीग जाओगे

    भीग जाओगे तो और रंगीन हो जाओगे
    वैसे भी हो हसीं कम नहीं।

  • आज कर देगें

    आज कर देंगे तुम्हें इस तरह रंगीन
    ताऊम्र याद रखोगे मेरे रंग को

  • रंग में

    सबके रंग में रंग कर आऑगे
    तो हमारा रंग कैसे चढ़ेगा?

  • इन्तज़ार की हद

    इन्तज़ार की हद खत्म होने को है
    किस राह में बैठे हो सब्र खोने को है

  • अँखियों की होली

    अँखियों का रंग
    अँखियों में जो डाल दिया।
    फिर क्योंकर हाथ गुलाल लिया

  • रंग जाऐंगे

    आशा रख वावरी ! वो आऐंगे।
    तेरे तन मन को रंग जाऐंगे।।

  • गुलाबी आँखों से

    गुलाबी आँखों से
    यूँ मत देखो
    इश्क की फुहार से भीगने
    मत दो
    मुझे बहुत सर्दी लगी
    है आज।

  • रंगरेज़

    होली के रंग में
    रंग लो ए रंगरेज़
    मीठे- मीठे बोल से
    मन हर लो ए रंगरेज़ ।

  • रंगों की बाल्टी

    रंगों की बाल्टी और गुलालों की झोली।
    लेके आऐंगे तेरे घर ,मनाने हम होली।।

  • तिलक होली

    तिलक पसन्द होली है अपनी
    आकर तिलक लगा देना।
    प्रेम पर्व होली है इसको
    प्यार से सब मना लेना।।

  • उड़ गई वरदान की चादर

    बाल हत्या का ले के विचार ‘
    हो गई अग्नि में होलिका सवार।
    उड़ गई वरदान की चादर
    अजर रहा बालक प्रह्लाद
    जल गई होलिका हो तार तार।।

  • नफरत भरे की होलिका

    नफरत भरे मन की होलिका न जलाई।
    तो तुमने क्या खाक होली मनाई।।

  • होलिका जल गई

    जल गई होलिका धू धू करके
    कैसे आज चौक में।
    ऐसे हीं जलते हैं दुष्ट
    भक्त जलाने के शौक में।।

  • मुद्दत

    मुद्दतों बाद वह घर आए हैं
    दिल तोड़ने के बाद पहली बार शहर आए हैं…….

  • रंग मोहब्बत का

    रंग मोहब्बत का ही
    चढा मुझ पर जो
    लगाया था किसी रोज़
    तुमने अपने हाँथों से
    ना उतरा है कभी ना उतरेगा

  • कल मेरे घर

    कल मेरे घर रंग लगाने आओगे?
    फिर हमसे नज़रे चुराने आओगे?
    मागा था जो तोहफ़ा मैने तुमसे पहले
    वो ही प्यार तुम कल लौटाने आओगे?

  • बारीकियाँ

    बारीकियाँ होती हैं बहुत
    हाल-ए-दिल समझना इतना
    आसान नहीं
    कुछ इशारों में समझ जाते हैं
    किसी को जमाने लग जाते हैं

  • कौमुदी की आँच

    आसमान की चादर में
    लिपटे अनगिनत सितारे हैं
    कौमुदी की आँच पर कई
    अरमाँ सुलग रहे हैं

  • गुमनाम ना होने देंगे

    गुमनाम ना होने देंगे
    पहचान को अपनी
    अब छोड़ दिया शौक
    तुझसे दिल लगाने का ।

  • उनकी यादों का पीछा

    उनकी यादों का पीछा
    करते-करते हम
    उन तक तो
    पहुंच जाएंगे पर
    ये तो बता ए खुदा! उनके दिल तक कैसे जाएंगे।

  • लगे हैं वह हमसे

    लगे हैं वह हमसे नजरें चुराने
    शायद उन्हें अपनी भूल का एहसास है
    चलो अच्छा है पता तो चला
    किसी चीज का तो एहसास है
    मोहब्बत का ना सही, भूल का ही सही।

  • चिट्ठियां

    दिल की बातें बोलती हैं
    चिट्ठियां राज कितने खोलती हैं चिट्टियां
    भावों को जीवंत बनाती हैं,
    आंखों को भिगोती हैं चिट्ठियां

  • जब तुम्हारी याद

    मुड़ कर ना देखेंगे दोबारा
    रोज़ यही फैसला किया करते हैं
    पर जब तुम्हारी याद आती है तो
    हौसले टूट जाते हैं

  • गिनतियाँ

    गिनतियाँ करते हो मुझे
    याद कितनी बार करते हो
    हम तुम्हें कितनी दफ़ा ढूंढते हैं
    अपने आप में कभी ये भी गिन लिया करो ।

  • चांद

    चाँद छत पर से मेरे
    रोज़ यूं गुजरता है
    जैसे उसे मालूम हो
    कि उसी के जैसे
    मेरा यार दिखता है ।

  • तू मेरी आरज़ू

    तू मेरी आरज़ू था
    आरज़ू है और आरज़ू रहेगा ।
    ये दिल कल भी तेरा था
    तेरा है और तेरा ही रहेगा ।

New Report

Close