तमन्ना थी दिल में
तुम्हें पाने की
पर अफसोस तमन्ना ही
रह गई ।
Category: शेर-ओ-शायरी
-
तमन्ना
-
तुम्हारी शिकायत
तुम्हारी शिकायत
खुदा से करेंगे
मेरी आँखों में तुम
हमेशा आँसू बन के आये -
कितनी दफ़ा
कितनी दफा मैनें समझाया
तुम्हें
मुझें मत ठुकराओ मगर
तुम ना समझे तुम ना बदले। -
रास्ते में
रास्ते में चलते हुए
कुछ पीछे छोड़
देते हैं लोग ।
पैसे कमाने के लिए
रिश्ते तोड़ देते लोग। -
तुम कल मेरे घर
तुम कल मेरे घर आना जानम
होली है
थोड़ा घूंघट करके आना जानम
होली है -
तुम कल मेरे घर
तुम कल मेरे घर आना जानम
होली है
थोड़ा घूंघट करके आना जानम
होली है -
खुशामदीद
खुशामदीद आपको
बहुत व्यस्त हो आप
थोड़ा वक्त हमें भी
दे दीजिये
इतना भी मशरूफ होना
अच्छी बात नहीं साहिब -
आरज़ू
ज़िन्दगी की आरज़ू में
मरते जा रहे हैं लोग
पैसे के नाम पर क्या क्या
गुनाह किये जा रहे हैं लोग -
होली हम मनाऐंगे
होलिका दहन में हम वैर भाव जाएंगे।
कल निर्मल हृदय से होली हम मनाऐंगे।। -
शायरी
रोज मर्रा की जिंदगी में,
बहुत कुछ सीखा हैं हमने,
दुनिया में ना जाने कितने हैं रंक,
जीवन पर लगा यह कैसा अभिशप्त का कलंक,महेश गुप्ता जौनपुरी
-
शेर
जिसे मैं देख गुनगुनाता हूं
जिसे मैं देख मुस्कुराता हूं
जिसके आगोश में मैं खो जाता हूं
उसका हो कर मदहोश हो जाता हूं
उसी का दीदार करके
मैं खुद में ही खो जाता हूंमहेश गुप्ता जौनपुरी
-
वक्त कटता नहीं
वक्त कटता जा रहा है
दीये की लौ भी
धीमी हो गई
आंखों में नींद नहीं
चैन नहीं हम क्या करें
यही सोंचते रहे ओर
सुबह हो गई -
गरीब
हम गरीब सही
पर इज़्ज़त की खाते हैं
तेरी तरह हम
सरेआम मुजरा तो नहीं करते हैं । -
तू नहीं जानता
तू नही जानता है
मेरे दिल पे क्या गुजरी है
एक पथ्थर सीने पे लिये
घूमती हूँ मैं -
कमी कुछ भी नहीं
कमी कुछ भी नहीं
थी मेरी आँखों में
बस यार तेरे पीने-पिलाने का अंदाज़
बदल गया। -
एतबार
ऐतबार करने पर आते
कर सकते थे मगर
तुम्हें तो शौक था
हमको रूसवा कर जाने का -
अंज़ाम
अंज़ाम जो भी हो
हम तो आगे बढ़ गए हैं
तुम्हें जब से छोड़ दिया हमनें । -
नाखुश
कुछ नाखुश लगते हैं वो
हमनें यूं ही कह दिया था एक दिन
दोस्त बेवफ़ा होते हैं । -
दौर
एक दौर वो भी गुज़रा है
मेरी बेखयाली का
घण्टों रोते थे किसी को
याद करके -
मैने कहा
मैने कहा….
मैने कहा कुछ भी नहीं
उसने बहुत कुछ
समझ लिया। -
रंजिश
इतनी भी रंजिश ना
मान मेरे यार
कभी तो मै भी
तेरे दिल की मेहमान हुआ
करती थी याद कर… -
तुम इस
तुम इस इन्तज़ार में बैठे हो
हम याद करेंगे
तो बता दें साहिब
अब ना वो प्यार रहा
ना कशिश रही
ना तेरी वो दिवानी ही रही। -
दौर
अब तो दौर-ए -नफ़रत भी गुजर गया साहब
मोहब्बत का जमाना तो हमे याद भी नहीं……….. -
ऐसे ना मुझे
ऐसे ना मुझे तुम देखो
तेरी ही दिवानी हूँ
हर रात सजाती मै
अपनी आंखों में
पानी हूँ -
सुन्दर हैं
सुन्दर हैं तेरी आँखों के
फसाने…..
रोज़ कुछ सुनाते हैं
आंखें बंद हो जाती हैं
मगर हम
देखते ही रह जाते हैं……. -
धानी चूनर
धानी चूनर ओड़ कर
ब्रज में होली खेलूँगी
मैं तो अपने श्याम संग
राधा बनकर डोलूँगी -
सदाकत
सदाकत की नुमाइश लगाना
जरूरी है क्या
मेरी वफ़ा पर यकीन करना
इतना भी मुश्किल नहीं -
बेईमान बस्ती
क्या हुआ हम बेईमानों की बस्ती में है
हमने अपना ईमान कहां भेजा है अभी तक। -
गुमनाम
गुमनाम सा हो गया है
मेरा आशियां
इन दिनों
क्यूँ कि मैं तो बैठी थी
तेरा घर बनाने में -
रफ्ता रफ्ता
रफ्ता-रफ्ता चलते जा रहे हैं
मंज़िल की ओर…..
खुशी तो बहुत है
फकत इतना गम है
हम भी तेरे जैसे
होते जा रहे हैं… -
गज़ब है
गज़ब इम्तहान है मेरी
बेसब्री का….
लोग उतना ही
सुनाते हैं जितना हम
सुनते जाते हैं…. -
मुझे कोरा ही रहने दो
मुझे कोरा ही रहने दो
इस होली में……
क्यूँ की
कुछ लोग रंग से नहीं
लहू से होली
खेलने में लगे हुए हैं. ……
🇮🇳जय हिंद जय भारत 🇮🇳 -
पत्थर
पत्थर मत हटाओ
मेरे रास्ते से
अब तो पत्थरों पर चलने की आदत हो गई है -
सिर्फ़
सिर्फ़ बात की ही बात है
किसी की आंखें भी
किसी के दिल का राज़ है -
हम सबकी
हम सबकी खुशियों में शामिल
होते हैं
मगर मेरी अच्छाई का
ये आलम है
मेरे जनाज़े में भी
शामिल होने से कतराते हैं लोग….. -
गलतियां
अपनी गलतियों का किस्सा ना
हर बार दोहराएंगे,
कह दिया अलविदा तुम्हें
अब शायद ही लौट कर आएंगे । -
Only shayari
एक जरूरी बात याद कीजिये
नहीं है इलाज़ किसी हक़ीम के पास…
इश्क़ ला-इलाज़ है,
बस एहतियात कीजिये ।। -
होली
आया रंग बिरंगी होली का त्योहार मेरे यारा।
आज खुशियों के रंग रंगदार मेरे यारा।। -
होली
आया रंग बिरंगी होली का त्योहार मेरे यारा।
आज खुशियों के रंग रंगदार मेरे यारा।। -
खुशियों का त्यौहार
खुशियों का त्यौहार है होली
प्यार से मनाऐंगे।
दोस्त तो आखिर दोस्त है
दुश्मन को भी गले लगाऐंगे।। -
होली का त्यौहार
रंग बरसे गगन से देख मेरे यार।
आओ
मिलकर मनाऐं होली का त्यौहार।। -
वजह
वजह कुछ भी न थी
हमारे जुदा होने की
एक तो तू बेवफा थी,
और मेरा इरादा भी अब वफा करने का नहीं था । -
मरहम
बेहिसाब दर्द देकर मेरी रूह को
वो मेरे ज़ख्मों पर मरहम लगाने आया है
उससे पूछो मरहम ही है
नमक छिड़कने तो नही आया है। -
बदनाम
इससे अच्छा तो गुमनाम ही अच्छे थे नामवालों से मिलकर बदनाम हो गए…….
-
Tajurba
Kisika sawaal adhoora hai toh kisika jawaab adhoora hai!
Khudko Ustaad batate hai log par Zindagi ka tajurba adhoora hai! -
रंग ए रूह
जब सब चेहरे के रंग को ही देखते है
रंग ए रूह का पता कैसे चले -
Bardasht
जो बर्दाश्त न कर पाये वो दोस्त कैसा।
जो समझ न आये वो फिर रिश्ता कैसा।।
-
कहानी
यह मेरी कहानी
होठों पर हंसी और
आंखों में है पानी।। -
Safayikarmi
कितनी गंदी हैं तुम्हारे शहर की गलियां।
सब कुछ साफ़ रहता था जब हम रहा करते थे।। -
सवेरा
जो तू चाहे वो तेरा हो,
रोशन रातें और खूबसूरत सवेरा हो,
जारी रहें हमारी दोस्ती का सिलसिला,
कामयाब हर मंजिल पर दोस्त मेरा हो|*