मैंने कोई धोखा नहीं दिया तुम्हें
तुमको ही धोखा हुआ
अफसोस इस बात का है
कि तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं
Category: शेर-ओ-शायरी
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इल्म नहीं
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आसमान की चादर
आसमान के चादर में
लिपटे अनगिनत सितारे हैं
चांद फिर भी तन्हा है,
जबकि लाखों उसके दीवाने हैं। -
मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा
मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा
क्या यह ऐसे ही उजड़ा रहे जाएगा
दो चार दिन को तो आते है सब
पर जिसका इंतजार वह कब आयेगाइंतजार करते हुए थक सी गई है आंखियां
उनके इंतजार मे सूनी पड़ी है गलियां
बरसो हो गए पथ निहारते हुए
क्या इस पथ अब कोई नहीं आयेगा
मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगाथक सी गई आँखे आसमान की तपिश से
ठहर गई ज़िन्दगी उनके प्यार की बंदिश से
अब तो प्यास बुझा दे ऐ मेरी ज़िन्दगी
ना जाने वह कब प्यार बरसाएगा
मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगामेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा
क्या यह ऐसे ही उजड़ा रहे जाएगा
दो चार दिन को तो आते है सब
पर जिसका इंतजार वह कब आयेगा
पंकज प्रिंस -
रंग
होली के रंग अब फीके न पड़ेंगे।
हम उनमे रोज महसूस होंगे।।
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बदल
तुम क्यो चुप से हो गये हो।
फिर से कुछ बदल से गये हो।।
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तेरी बातें
तेरी बातें ही है जो एक उम्मीद से हमें तेरे पास ले आती हैं वरना सुकून -ए -जिंदगी तो हमें अकेले रहने में ही मिलता है……
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किताब -ए -जिंदगी
किताब-ए- जिंदगी अपनी लिखी है पेन से हमने
जिसे मिटाने की गुंजाइश कहां बख्शी है… -
शोभा
शोभे सरोवर राजहंस से
बगिया शोभे कोयलिया से।
ज्ञानी जन से सभा की शोभा
दुनिया शोभे मधुर बोलिया से।। -
अपने
भरोसा अपना पर नहीं गैरों पर कर लीजिएगा जनाब
“अपने” अपने कहलाने के लायक नहीं है।
रूठना है तो खुद मान जाइएगा जनाब
यहां कोई मनाने के लिए नहीं है। -
खुशबू तेरी
घुली है हवाओं में खुशबू तेरी
शायद तेरे आने का पैगाम लाती है
ना ठहरती है ना जाती है शायद
दिल तोड़ने का सामान लाती है। -
नादानियां
मेरी नादानियों
का सिला यह मिला हमको हम बदनाम हो गए और वह समझदार बने बैठे हैं…… -
उनका दिल
😉उनका दिल इतना नादान है
😘जिसे भी देखता है मोहब्बत हो जाती है 🤐🤐 -
ए दोस्त!
ए दोस्त! मुझमें कभी इतनी हिम्मत ना आयी
बस तुझे दूर से देखती रही कभी पास ना आयी -
इस तरह बसा है
इस तरह बसा है तू दिल में
तुझे कैसे भूल सकती हूँ
तुझे दिल से निकाल नहीं सकती
पर दिल को निकाल सकती हूँ -
खुदा का खौफ
मुझे ठुकरा कर वो दर- दर भटक रहा है
खुदा का खौफ देखो कभी इसके दिल से
कभी उसके दिल से निकल रहा है । -
इश्क की गुझिया
हमारे रिश्ते में मोवन कम था वर्ना,
इश्क की गुझिया खूब खुश्क होती। -
चाभी के जैसे
तुम्हारा इंतजार किया आम पकने की तरह
तुम रोज ख्वाब में आए शाम की चाय की तरह
तुम खो गए चाभी के जैसे मगर
मैनें ढूंढा है तुम्हें मूंगफली के दाने की तरह -
दूरियां
कौन कहता है दूरियां प्यार को बढ़ाती हैं
दूरियां बस दूरियां होती हैं
बस दूरियां ही बढ़ाती हैं -
गूंजती रहेगी फिजाओं में
गूंजती रहेगी फिजाओं में
आवाज मेरे दिल की हर एक धड़कन
धड़कती रहेगी तेरा नाम सुनकर
तन्हाई एक कोने में पलती रहेगी। -
यहाँ किसी को
यहां किसी को कुछ भी नहीं मिलता
किसी को मंज़िल तो किसी को रास्ता नहीं मिलता -
एक गलतफहमी ने
एक गलतफहमी ने रिश्ता तोड़ दिया जिसे अपना सब कुछ मानते थे आज उसी को छोड़ दिया
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फरेबी
कितनी बार पढ़ा था मैंने तेरी आंखों में अपना नाम पर तेरी आंखें भी तेरी तरह फरेबी थी
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गिरेबान पर
गिरेबान पर हाथ डालने से पहले
एक बार सोच तो लिया होता
जिसे हाथ लगा रहे हो वो तुम्हें
दिल में बिठा कर पूजा करता है…. -
फुर्सत ही ना रही
एक वक्त था दिन रात सोचा करते थे तुम्हें आज तुम्हें सोचने की फुर्सत ही ना रही ….
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फुर्सत ही नहीं
तुम हमारे बारे में सोचते भी कैसे
जिंदगी ने कभी इतनी फुर्सत ही नहीं दी -
तुमने कह तो दिया
तुमने कह तो दिया
मेरे दामन में दाग बहुत हैं पर
शायद तुमने कभी अपने
ज़िस्म पर पड़ी चादर नहीं देगी। -
कोई हसरत
ना रही कोई हसरत
ना कोई उम्मीद,
तुझे जब से भूल गई
जिंदगी बड़े आराम से कट रही है… -
बड़ी घुटन होती थी
बड़ी घुटन होती थी जब हम तुम्हारे हुआ करते थे
रिश्ता बोझ बन गया था जब हम तुम्हारे हुआ करते थे -
यह घर नहीं
यह घर नहीं दिल है मेरा
जिसमें तुम बड़े आराम से रहते हो। -
जबसे दफन
जब से दफ़न अपने दिल में तेरी यादों को कर लिया….
सब पूछते हैं मैं क्यों खामोश रहती हूं? -
जब से तुमको
जबसे तुमको भूल गई
सब कुछ अच्छा लगता है…..
पहले कोई काम ना था
तुझे याद करने के सिवा…. -
अब तुम्हारे बिन
पहले तुम्हारे बिन कुछ भी ना अच्छा लगता था
अब तुम्हारे बिन सब कुछ अच्छा लगता है -
दिल का भाव
कोई छंद नहीं
पदबन्ध नहीं।
तुकबंदी का है प्रबंध नहीं
दिल के भाव को लिखता हूँ
चाहे कवियों को हो पसन्द नहीं।। -
चोट अपनों का
चोट अपनों के फूलों ने जो दिल को दिया,
गैर के पत्थरों में वो दम था कहाँ। -
हर कोई
हर कोई बोलता है क्या खूब लिखती हो
मै तेरा ही दिया हर दर्द लिखा करती हूँ
उन नासमझों को कौन बताये -
मगन में
चांद बनकर चमकती रहो नित गगन में।
देखकर हीं मेरा मन रहेगा मगन में।। -
रात बीती
रात बीती तारे गिनते
और छाई खुमारी
बेखयाली में भी हम
तुझको बन हवा छू आये -
तुर -ए-नजर
तीर नजरों से तूने जो घायल किया
अब खंजर उठाने से क्या फयदा। -
भारत माँ का औलाद
लौहपुरुष नहीं मैं
फिर भी फौलाद हूँ।
आखिर भारत माँ का जो औलाद हूँ।। -
भुला दूंगी
भुला दूंगी अब ना याद करूंगी उस जालिम को
ये झूंठा वादा मैं खुद से शुबहोशाम करती हूँ -
तेरी आदतें
धोखा देकर प्यार जताती है
ए ज़िन्दगी!
तेरी आदतें हूबहू मेरे दोस्त जैसी हैं । -
शाम-सी
शाम- सी ढल गई मैं
तेरा इन्तज़ार करते करते। -
कोशिश
कोशिश बहुत की मैनें नज़र चुराने की
वो सामने आये तो हम देखते रह गए । -
माजरा
मैनें कब मागा था उसको दुआओं में,
जरा सा वक्त क्या मांगा
माजरा बदल गया । -
अफसाना नहीं
अफसाना नहीं ये सदाकत है ….
लफ्ज़ खामोश थे फिर भी हमनें बात कर ली … -
खफ़ा ही रहना
खफ़ा ही रहना
मत मानना है कसम तुमको
चाहें कुछ भी हो जाए
लौट के ना आना तुम …. -
रंग धुल
दर्द कितने दिए तूने आज तक ना भरे ….
तेरा रंग धुल गया तेरे प्यार की तरह। -
कुछ क्षण
बिता कर कुछ क्षण अपनी
तन्हाई के साथ जी कर
देखा….
पता चला कितना सुकून मिलता है… -
मीलों सफ़र
मीलों सफ़र करने के बाद
तुझ तक पहुँचे
फिर भी मीलों के फासले हैं -
मासूम सा चेहरा
तुम्हारा मासूम सा चेहरा
दिल तो धड़का सकता है मगर
दिल चुरा नहीं सकता