महबूब वतन की रक्षा को शमशीर उठाया करते हैं कोई पूछे मोहब्बत कितनी है दिल चीर दिखाया करते हैं
महबूब वतन की रक्षा को शमशीर उठाया करते हैं कोई पूछे मोहब्बत कितनी है दिल चीर दिखाया करते हैं
कुछ जख्म दिखाए जा नहीं सकते। घायल किया जिसको तुमने दिल चीर दिखाए जा नहीं सकते।।
मेघ की गोदी से गिरती बूंद बन कर देखना मिलता है आशीष शीतलता में घुल कर देखना
यह मंच कला को सौंपा है इसे कलंकित करना ठीक नहीं मासूम कला की बस्ती को दुख रंजित करना ठीक नहीं रंजित-राशि
इश्क़ यदि मासूम है तो बगावत क्यों होती है। ः मतलबपरस्त है तो इनायत क्यों होती है।।
मेरी मासूमियत को हथियार मत बनाना। दिल में दगा रखकर प्यार मत बनाना।। मैं तो खाके धोखा खामोश रह जाउँगा खुद को बेबफाओं का सरदार मत बनाना।।
जिंदगी का भरोसा क्या कीजे, सांसो का भरोसा क्या कीजे, जो आज है सच तो है सिर्फ वही, आने वाले कल का भरोसा क्या कीजे। निमिषा सिंघल
देखन कि जब उठी लालसा देखा आँखे मीदं कालचक्र पर बिछा के पलका सोया था गोविंद
किसी ने पत्ता कहा पीपल का किसी ने पान पत्र समरूप कहा। किसी ने मुट्ठी जैसा दिल माना तो कर लो दुनिया मुट्ठी में।
यूँ तो मूँह बांधकर घुमा करती हूँ डगर-डगर। पर सिर पे आँचल रखने से जी घबराता क्योंकर।।
नारी ने चाहा की पर्दा प्रथा दूर हो उससे पर लोग हंस रहे हैं उसे बेपर्दा करके 👩🏫👩🔧👩🏭👩🔬👩🚀👮♀👷♀👸👱♀🤰🤱 आखिर क्यों
जस्न- ए- ज़िन्दगी एक शौक होता है। मौत के बाद तो सब बेख़ौफ होता है।।
गजब का हुनर है लोगो मे सच्चाई को छिपाने का। खुद से ही खुद को खुदा मान बैठे है जमाने का।।
गजब का हुनर है लोगो मे सच्चाई को छिपाने का। खुद से ही खुद को खुदा मान बैठे है जमाने का।।
जाते हुये जनवरी ने जख्म फिर हरे कर दिये। फ़रवरी प्रेम माह ने फिर दामन उम्मीद से भर दिये।।
जब कोई हमसे हँसकर थोड़ा सा बोला देता है, अपने दिल के दरवाजे हल्के से खोल देता है। हम खुशी मे अपने आपको भूल सा जाते है, दो पलो मे ही सारे जीवन की खुशियाँ […]
बड़ा इतराता है जुगनू चांद की धूल को मल कर तेरी तारीफ तो बस इस रात ने की है बेपर्दा कर सके जो अख्ज की भीड़ को इतनी हिम्मत तो बस अफताब ने की है
पिता बचन को मान रामजी गए वास को वन में। राम उपासक बनके भरतजी सन्यासी हो रह जीवन में।।
यूँ तो किसी के गिरेवान में मत झाँकना । झाँककर भी किसी को कम नहीं आँकना। गिरिवर उठाने वाले से बचाकर माखन क्योंकर छीका नित -नित ऊँचा टाँगना।।
समय तो समय पर ही समय से चलता रहता है। फ़िक्र कहां है किसी को किसी की…? जमाना तो यूं ही आगे बढ़ता रहता है।
नब्ज टटोलकर देख ले निर्मोही तुम्हारे हीं प्यार में बीमार हूँ। ये दिल दे चुकी कब के तुझको सिर्फ एक दीदार को बेकरार हूँ।।
तुम्हें देख दिल मेरा चहकता है जो दुनिया देखूं तो बहकता है। तुम से है मेरी दुनिया प्रियतम तेरे दिल में मेरा दिल धड़कता है।।
ऐ फूल मेरे बाग के खुद को लपेट ले। आ रही है तितलियाँ खुशबू समेट ले।।
वक्त भी एक शिक्षक है जो देता सच्ची शिक्षा। वक्त का सम्मान किया जो नहीं मांगेगा कभी भिक्षा।।
मैं नहीं रहा अफसोस नहीं उस त्याग की भट्टी में जलकर मैं देश की धमनी बहता हूं इस देश की मिट्टी में मिल कर
त्यागा श्रृंगार ले नयन अंगार क्या खूब वीरांगना शक्ति है अब पूत खड़ा किया सरहद पर क्या प्रबल राष्ट्र की भक्ति है
जाने के बाद तुम्हारे हम दोस्त तो बनाते हैं वो महफिलों में खो जाते हैं हम फिर अकेले हो जाते हैं
वो झूठ बोल रहा था बहुत सलीके के साथ मैं ऐतबार ना करती तो क्या करती
न जाने किस मोड़ पर उनसे अब मुलाकात होगी। दोस्तो! बताओ फिर कैसे बीते लम्हों पर बात होगी।।
उसके छोडने का अंदाज कुछ ऐसा था मेरे प्यार पर इलज़ाम कुछ ऐसा था ना वजह थी कोई ना बहाना था उसे तो बस मुझे छोडकर जाना था शायद मेरे किसी अपने का वो दीवाना […]
मेरी कोशिशों को नाकाम करके तुझे क्यो अच्छा लगता है। तेरे जहन मे ये जलन का मुद्दा ही क्यो चलता रहता है।। है हिम्मत गर तुझमे तो तू कदम क्यो न आगे बढाता है। तब […]
तू आया तो बसन्त है….। तू गया तो बस अन्त है।।
अतीत के फफोले तेजाबी बारिश दहकते लावे की तपिश या कोई आतिश ताउम्र का सबक बस एक कुफ्र। निमिषा
कोई दिल दरबारे खास बने तो जान निछावर करते हैं हमें सूरत की प्रवाह नहीं सीरत से मोहब्बत करते हैं
प्यारे कभी बेवफा नहीं होते। अपने कभी खपा नहीं होते। ऐ वक्त हमसे खपा मत होना क्योंकि हम तुमसे दफा नहीं होते।।
गज़ल ——- जहर यह उम्र भर का एक पल में पी लिया हमने। तुम्हारे साथ जन्मो जन्म रिश्ता जी लिया हमने। 1.मुकम्मल ना हुआ तो क्या इश्क को जी लिया हमने कहते हैं आग का […]
तुम आए भी ओर चले गए मोहब्बत की सजा दे ही गए ना इजहार किया ना इकरार किया बस खामोशी से दिल को तार तार किया गलती तुम्हारी नही हमारी है जो अपनी बेवफा किस्मत […]
🥀आखिर क्या बदला बेटी के लिए 🥀 जब पिता की तरफ से दहेज आता था तो पति कहता था तो कितना लाई तेरे आने पर पति की तरफ से दहेज आता है तो पति कहता […]
💐 शायरी 💐 पंछियों के बगीचे आसमान में होते हैं बुद्धिमानी के चर्चे जहान में होते हैं उठाकर जो चलते हैं ज्ञान की वैशाखी हजारों सितारे उसकी शान में होते हैं
हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे। जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।।
नब्ज देख के बतला दो मुझे कौन-सा रोग है। दिल में तुझे बसाकर भी आखिर क्यों वियोग है।।
बूँद-बूँद से मैं दरिया बन जाऊँ। तिश्नगी का मैं ज़रिया बन जाऊँ। डूबाने की मंशा बिलकुल नहीं है, ज़िन्दगी का मैं नज़रिया बन जाऊँ। देवेश साखरे ‘देव’
नींद अक्सर आती नही है रातो मे, मन उलझा रहता है अजीब बातों में। बहुत उधेड़बुन है यार हमारी जिन्दगी मे, आपसे अपना हाल कहते है हकीकत मे।।
नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। चहुँओर खुशबू को है बिखरना परन्तु सरल समीर साथ न देती।।
नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। खुशबू है चहुँओर बिखरने को तैयार पर ये बेवफा पवन साथ न देती।।
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी याद से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
पता नहीं इबादत के किस मोड़ पर हूं तेरी जरूरत भी नहीं तेरी कमी भी है होठों पर हंसी और आंखों में नमी भी है तेरे जाने का मलाल भी नहीं तेरे आने का इंतजार […]
ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता, कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां। खुश है कि रूठा हुआ है किसी से, इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता?
पहले पढ़ता था फर्क तूफान आते जाते थे जबसे गहराइयों से नाता जोड़ा है तेरे ध्यान में मग्न हो भीड़ में भी संसार से नाता तोड़ा है। निमिषा सिंघल
कभी किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना ! कभी.. किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना ! मेरे यार… बदनाम हो जाओगे ! ये मोहब्बत की बिमारी ये… मोहब्बत की बिमारी है […]
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