Ghazal

जिनके अल्फाज़ आईने के तरह साफ होते हैं,
जमाने की हवा उनके खिलाफ होते हैं।
औरों के काम को वहीं आग का नाम देते,
जिनके आवाजों में अक्सर उबलते भाप होते हैं।
जंगल का नाग हो तो रास्ता बदल लू,
वो कितना बचें जिनके घर विषैले सांप होते हैं।
जमाने से सच बोलने के लिए कसमें वहीं उठवाते,
जो अपने एक झूठ पर कई झूठ का हिजाब देते हैं

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16 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - October 21, 2019, 10:02 pm

    बहुत बेहतरीन

  2. Charusheel Mane @ Charushil @ Charagar - October 21, 2019, 10:36 pm

    Nice

  3. NIMISHA SINGHAL - October 22, 2019, 11:15 am

    Very nice

  4. Poonam singh - October 22, 2019, 3:06 pm

    Good

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 22, 2019, 10:34 pm

    Nnice

  6. nitu kandera - October 24, 2019, 8:19 am

    Nice

  7. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 25, 2019, 5:16 pm

    वाह बहुत सुंदर

  8. Kumari Raushani - October 25, 2019, 5:26 pm

    Thank you

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