ए दोस्त मत घबराना कभी मेरे परछाईं से भी, तेरा नाम हम लब तक लाया नहीं करते। कोई खेल नहीं है इश्क या इबादत, ये बेशकीमती जज्बात है यू जाया नहीं करते। एक बार पलक […]

हर घुरने वाली नजर बुरी नहीं होती, दिल जख्मी कर जाए, हर वो चिज छूरी नहीं होती। मिट जाते हैं रिश्ते गलत अल्फाजों के कारण, रिश्ते मौत के साथ मिटे, ये जरूरी नहीं होती। उसने […]

तू मुस्कुरा दे, मैं कुर्बान हो जाऊं, तेरी एक खुशी के लिए निलाम हो जाऊं। बयां करना ही फकत मोहब्बत नहीं, ख़ामोश लबो से मैं तेरे नाम हो जाऊ। वैसे तो हमारा घर इक दूजे […]

दीए का इंतजाम तो हर नुक्कड़ हर मकान पर है, पर मेरे दिल में उजाला बस तेरे आने से होगा। जगमगा उठा इस रात देखो जहां सारा इन्सान की दीवाली तो इन्सानियत के जागने से […]

हथेली से रेत की तरह पल पल सरकती जिंदगी, फिर भी जाने क्यों आग की तरह भड़कती जिंदगी। मुकाम मौत ही तो है इसका, लाख पहरा दो उसी ओर बढ़ती जिंदगी। पर खुद को सदा […]

खेलने लगी है जिंदगी मुझसे आज कल कुछ ज्यादा, चल मैं भी चाल चलती हूं ,पर कर तू एक वादा, तू अपनी चाल ना रोकना, मैं खुद का हौसला पहचानूंगी, तू यू ही पग पग […]

चलो साथी एक खेल खेलते हैं, मोहब्बत के तार पर जिंदगी का राग छेड़ते हैं। एक सितार ही तो है जिंदगी, शुरुआत करते हैं करके वंदगी, उलझी तार तो सुलझाएंगे, सरगम से नया सुर बनाएंगे, […]

जिसे देख देख कर मैंने पुरी ग़ज़ल लिख डाली, वहीं रूबाई में औरों का नाम ढुंढता है। मेरी हर रात गुजरी इंतजार में झरोखे पर, वो है कि मिलने को कोई शाम ढुंढता है। चांद […]

जिनके अल्फाज़ आईने के तरह साफ होते हैं, जमाने की हवा उनके खिलाफ होते हैं। औरों के काम को वहीं आग का नाम देते, जिनके आवाजों में अक्सर उबलते भाप होते हैं। जंगल का नाग […]

अपने गली का होने ना दिया, खुद के घर चैन से सोने ना दिया। जाते-जाते मुड़ा इस कदर, मुस्कान मेरा ले गया, फिर भी मुझे रोने ना दिया। अपना कह कर अपना बना ना सका, […]

चिर परिचित जब कोई आ टकराता ख्वाब में, फिजा का हर रंग तब घुल जाता शवाब में। स्वप्न सुनहरा पलकों पर घर कर लेता, रात छोटी पर जाती ख्यालों के ठहराव में। वक्त का फासला […]