भेड़िया
May 31, 2020 in मुक्तक
आंखों के सामने घुम रहे हैं भेड़िया,
सोच समझ के परख लो ऐंसे छलिया।
बकरें के संग बकरा बनकर कब तक खेलोगे खेल,
उठा कर डण्डा पीटकर छुड़ा दो अपना गलियां।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 31, 2020 in मुक्तक
अंधेरे से डरकर ना भागो,
उठो मोह को त्याग कर जागो।
धरा को रोशन करके प्यारे,
कटुता के झोंके से राह ना त्यागो।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 31, 2020 in मुक्तक
दिल की बात कागज पर ना लिख सकें,
दिल और मन की बात करत मोहे लागे लाज।
अपनी वेवसी किसको सुनाएं बता दो मेरे नाथ,
दिल मन की बात दबी रह गयी हुई बावरी आज।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 31, 2020 in मुक्तक
कृष्ण कन्हैया छलिया तेरे,
कितने हैं अद्भूत रुप।
किया बांवरा नर नारी को,
बता दो कितने हैं स्वरुप।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 31, 2020 in मुक्तक
मेरे मोहन प्यारे नंदकिशोर की छवि निराली,
मेरे तन मन में बसती नंदकिशोर की प्रतिबिंब।
चित चोर मुरली धारी करें मेरे दिल पर सवारी,
अद्भुत सुरत श्याम सलोने गाथा गाते हम सब।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 30, 2020 in मुक्तक
खाने पीने ऐंसो आराम को समझे सभी सुखी संसार,
गहरी निद्रा मोह माया को समझे है उपहार।
दुःख की गठरी बांध कबीरा चिंतन करके सोवे,
झूठे विचार को सच्चा समझे प्रभु भक्ति खोवे।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 30, 2020 in मुक्तक
वृक्ष लगाकर खुशीयां बांटो धरा को हरा भरा करो,
भूमण्डल को स्वच्छ बनाकर धरा के सारे पाप हरो।
एक एक कदम बढ़ाकर हाथों हाथ वृक्ष लगाओ,
नन्हें अंकुरित को सहरा देकर धरा को सिंचित करो।।
May 27, 2020 in मुक्तक
वृक्ष लगाकर खुशीयां बांटो धरा को हरा भरा करो,
भूमण्डल को स्वच्छ बनाकर धरा के सारे पाप हरो।
एक एक कदम बढ़ाकर हाथों हाथ वृक्ष लगाओ,
नन्हें अंकुरित को सहरा देकर धरा को सिंचित करो।।
May 25, 2020 in मुक्तक
मिठे बचन सदैव बोलिए,
सुख की उत्पत्ति होय ।
बसीकरन मंत्र जाप करें,
जग का सदा हित होय ।।
महेश गुप्ता जौनपुरी
May 25, 2020 in मुक्तक
धर्म अध्यात्म का साथ देकर,
करें अपने संस्कृति का सम्मान।
विज्ञान के अनुठे खोज पर,
करें सदैव वैज्ञानिक पर अभिमान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 25, 2020 in मुक्तक
तन मन की मोह माया विष के है सामान,
गुरु के कटू बात लागे है अमृत समान।
गुरु सदैव है वन्दनीय यही मिला है ज्ञान,
गुरु के लिए न्योछावर है यह मेरा जान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 25, 2020 in मुक्तक
सांवली सुरत वंशी वाले,
हुए तुम्हारे हम दिवाने।
राश रचैया मोहन प्यारे,
याद आते सारे अफसाने।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
May 25, 2020 in मुक्तक
कान्हा तेरे हम हुए दिवाने,
वंशी की तान सुना दो प्यारे।
मिटा कर मेरे विपदा प्यारे,
हर लो मेरे दुःख दर्द सारे ।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
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