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महेश गुप्ता जौनपुरी

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महेश गुप्ता जौनपुरी

@महेश गुप्ता जौनपुरी • Joined Jul 2019 • Active 4 years ago

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

डर

May 31, 2020 in मुक्तक

दौड़ खेल कर तो हम भी बड़े हो गये,
जिम्मेदारीयां संग शहर में दौड़ गये।
पेट की भूख शहर की याद दिला दी,
इसलिए अपने वतन मिट्टी को वेबस होकर छोड़ गये।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मैं कौन

May 31, 2020 in मुक्तक

बता दो दहाड़ कर डर नहीं लगता,
शेर पिंजरे से अब जख्म नहीं देता।
शायद भूल गये हो तुम मैं कौन हूं,
वरना बातें बनाकर कर नहीं घुड़कते मुझे है पता‌।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

बुलंदि

May 31, 2020 in मुक्तक

बुलंदियों से पुछ लिया कौन हो तुम,
शेर के भेष में कोई और हो तुम।
मुझे भी जान लो ये मित्र कौन हूं मैं,
अपने लिबाज़ को उठा देखो मेरे मित्र हो तुम।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

लाकडाउन

May 31, 2020 in मुक्तक

इस लाकडाउन में मैं तुम और चाय है साथी,
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी है सब पर भारी।
करो जतन सब मिलकर कोरोना के प्रकोप का
कुछ आदमखोर इंसानों से ये दुनिया आज हारी।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर हूं साहब

May 31, 2020 in मुक्तक

मैं मजदूर हूं साहब यह सौभाग्य है मेरा,
देश के लिए करना मजदूरी काम है मेरा।
करते करते मजदूरी देश को समृध्द बनाऊंगा,
आन बान शान का लाज रखना काम है मेरा।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

ख्वाब

May 31, 2020 in मुक्तक

अभी तो तुमसे मिले थे हम,
अभी तुम मुझे छोड़ चले गये।
दिखलाकर मुझे सुनहरे ख्वाब,
आंखों से दूर कहां तुम चले गये।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

राष्ट्र निर्माता

May 31, 2020 in मुक्तक

मजदूर ही राष्ट्र का निर्माता,
इनको हम क्यों भूल गये ।
चन्द रूपये पाकर हम,
इनको हम क्यो अलग किये।।

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मेरे दोस्त मजदूर

May 31, 2020 in मुक्तक

हमें गर्व है तुम पर,
मेरे मित्र मजदूर ।
किस्मत को मत कोसों,
हम है बहुत मजबूर।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

लाल

May 31, 2020 in मुक्तक

बहुत आहत हुआ हूं देख तुम्हरा हाल,
एक मशाल जलाऊंगा बनकर मैं मिशाल।
मजदूर नहीं मजबूर होगा करूंगा मैं प्रयास,
मुझ पर भरोसा रखना मैं हूं देश का लाल।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

बड़ा इंसान

May 31, 2020 in मुक्तक

चादर बांट हौसले मुझे नहीं तोड़ना,
मजदूर भाई मुझे तुम्हारा राह नहीं मोड़ना।
तुम्हारे हक का हम दे सकें मेहनताना,
बड़े बनकर तुम्हारा हक मुझे नहीं है छिनना।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजबूरी

May 31, 2020 in मुक्तक

कभी झांक कर देखना मजदूर के घर,
मजदूर कितना मजबूर हो गया है ।
टूट के बिखर कर कितना दुखी हो गया,
पेट के भूख ने ही ऐंसा हाल बना दिया है।।

✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर का किस्मत

May 31, 2020 in मुक्तक

इस संसार में ना जाने कितने चेहरे है,
जिम्मेदारीयों पर बहुत सारे पहरे है।
मजदूर परेशान क्यो है जान तो लिजिए,
उसके किस्मत पर ना जाने कितने लहरें है।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

वेदना

May 31, 2020 in मुक्तक

अन्तर्मन की वेदना पढ़ ना सके कोय,
मजदूर की मजदूरी दे ना सके कोय।
खून पसीने कौन बहता बैठ कर खाते लोग,
मजदूर की मेहनत को समझ ना सके कोय।।

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

शान

May 31, 2020 in मुक्तक

शान से जीना शान से मरना
मजदूर की यही निशानी है।
एक एक कतरे का हिसाब दे
मौज में रहना ईमानदारी है।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर का दर्द

May 31, 2020 in मुक्तक

कविदीप लिखों एक ऐंसा संदेश,
जो मजदूरों का हक करें अदा ।
खून पसीने का सही मुल्य मिले,
आपके लेखनी को पढ़ मजदूर हो फिदा।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर बेचारा

May 31, 2020 in मुक्तक

मजदूर है जीता शान से,
देख खुशी तिलमिलाए अमीर।
मजदूरी करके चैन से सोता खाट पर,
मखमल का बिस्तर आराम ना दें शरीर को।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर

May 31, 2020 in मुक्तक

कहानी बड़ी सुहानी है,
मजदूर की बड़ी मेहरबानी है।
सिना ठोंक डटे है रहता,
यही तो मजदूर का ईमानदारी है।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

अमीर

May 31, 2020 in मुक्तक

महल के बिस्तर चुभते रहते,
धन दौलत में अमीर जीते मरते।
मजदूर के जैसे खुदकिस्मत कहा,
चैन से कभी कहां सोते रहते।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

हास्य ब्यंग

May 31, 2020 in मुक्तक

हे भगवान ये लाकडाउन हटा दो,
नहीं तो ये कोरोना मिटा दो ।
तंग आ गया हूं फोन उठाकर झूठ सुनते -2,
ये कमीने दोस्तों का मोबाइल ब्लास्ट करा दो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

दिल

May 31, 2020 in मुक्तक

खुलीआंखों से हमने भी ख्वाब देखें,
तेरे चेहरे पर हमने भी जज्बात देखें ।
सुना था आंधी कुहासे को उड़ा ले जाता है,
दो टूटे हुए दिल को कांटेदार गुलाब मिला देता है।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

कलंक

May 31, 2020 in मुक्तक

रोज मर्रा की जिंदगी में,
बहुत कुछ सीखा हैं हमने।
दुनिया में ना जाने कितने हैं रंक,
जीवन पर लगा यह कैसा अभिशप्त का कलंक।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

तोज्ञफा

May 31, 2020 in मुक्तक

प्यार का तोहफा खरीदने में वक्त तो लगता है,
सच्चे प्यार को बंया करने में वक्त तो लगता है,
दिल से दिल का तार जोड़ने में वक्त तो लगता है,
प्यार को इजहार करने में वक्त तो लगता है,

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

आतंकवाद

May 31, 2020 in मुक्तक

आतंकवाद के जड़ों में पानी डालो करके गर्म,
हिन्दू मुस्लिम कहकर बरगलाने वालों को दो सजा।
मजहबी बनकर जो फैलाते है आतंक दो सजा,
फांसी के फंदे पर लटका कर आंख नोंचकर दो सजा।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

चीन का चाल

May 31, 2020 in मुक्तक

कोरोना के डर से सारी दुनिया कांप गयी,
चीन के दोगलेपन चाल को दुनिया भांप गयी।
एक एक भयानक शहर को कोरोना निगल रहा,
कोरोना के आतंक से देश दुनिया सहम रहा।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

दरिंदा

May 31, 2020 in मुक्तक

बदल सको तो बदल दो कानून व्यवस्था को,
फांसी पर लटका कर मारो बहसी दरिंदों को।
कब तक आस लगाकर हौसला बढाओंगे दरिंदों का,
उदय से पूर्व मिटा दो मिलकर खेल बहसी दरिंदों का।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

रोडा

May 31, 2020 in मुक्तक

जिसने हमको छेड़ा हमने कभी उनको छोड़ा नहीं,
बातों बातों में धूल चटाया कान कभी मरोड़ा नहीं।
दख़ल दिये जो मेरी जिंदगी में समझा उनको रोड़ा नहीं,
तोड़ कर दुश्मन के बदन की हड्डी को हमने जोड़ा नहीं।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

जलील

May 31, 2020 in मुक्तक

काम गिनाए गिनाने दो,
काम को बस परख लो।
हाथ जोड़े जोड़ लेने दो,
जलील करना बस सीख लो।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

भगत सिंह

May 31, 2020 in मुक्तक

जाग उठा था आशा आजादी के परवानों का,
वीर बहादुर भगत सिंह जब अंग्रेजों को ललकारा था।
कतरे कतरे खून के बूंद का यही नारा था,
हिन्द की धरती हिन्दुस्तान भाईयों को बहुत प्यारा था ‌‌।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

महामारी

May 31, 2020 in मुक्तक

देख महेश जग की काया,
सकल विश्व जग की माया।
हुआ अचेत देख महामारी,
कोरोना प्रकोप सब पर भारी।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

महामारी कोरोना

May 31, 2020 in मुक्तक

खाने को अब अन्न नहीं,
मरते बिलखते लोग ।
कोरोना के संकट में पड़कर,
जान गंवाये सब लोग।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

कोरोना

May 31, 2020 in मुक्तक

जान हमारा हर लिजिए प्रभू,
नहीं बचा अब जीने का राह।
कोरोना के भारी संकट से,
आंख के आंसू सुख गये प्रभू।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मेरी जिंदगी

May 31, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

जिंदगी

ये मेरी जिंदगी मुझे क्या से क्या बना दिया।
इस लाकडाउन में जीना मरना सिखा दिया।।

उम्र में पहली बार सुकून के पल दे दिया ।
परिवार के संग हंसने खेलने का वक्त दे दिया।।

मुसीबत को अपना ढाल बनाकर कर जीना सीखों ।
गरिबों को रोटी का निवाला ये हमदर्द तुम देना सीखों।।

ये बला कट जायेगा धीरे धीरे सम्भलना सीखों ।
करके शुक्रिया वीर योद्धा का तुम लड़ना सीखों।।

कैसे शुक्रगुजार करूं मैं तेरा ये खुबसूरत जिंदगी।
कैद पशु पक्षी के जीवन को दे दिया नया जिंदगी।।

प्रकृति के झोंके से खिल रहा मदमस्त ये जिंदगी ।
फिज़ा में बिखेर कर खुशबू दे दिया इंसा को जिंदगी।।

एक एक बात समझ में आया अब मुझको।
वक्त की मार ने सबक सिखाया है सबको ।।

अमीरी गरिबी की फर्क नहीं अब शायद तुझको ।
वक्त के काल को समझ कर नमन करो तुम सबको।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

लिख कवि लिख

May 31, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

लिख कवि

लिख कवि लिख
भावनाओं में बहकर लिख
खुशीयों में फूदक कर लिख
दर्द आह महसूस कर लिख
तन्हाई को साथी बनाकर लिख

लिख कवि लिख
अफसर का रौब लिख
नेता की बेईमानी लिख
भ्रष्टाचार की परछाई लिख
दुनिया के चापलूसी को लिख

लिख कवि लिख
गरिबों का भूख लिख
नंगे पांव का छाला लिख
बेरोजगारों का ताना-बाना लिख
दिन दुखियों के मन का पीड़ा लिख

लिख कवि लिख
अमीरों का निकला पेट लिख
छल कपट का राजनिति लिख
मजदूरों का खून पसीना लिख
अमीरों के धन दौलत की बेचैनी लिख

लिख कवि लिख
माथे पर का लकिर लिख
किस्मत का तकदीर लिख
होशियार का चालाकी लिख
मजबूर का वेवसी परछाई लिख

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

मंहगाई क दास्तांन

May 31, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

महंगाई का दास्तान

लिहली थैला पांच सौवा नोट
खरीदे निकली सब्जि और तेल
सब्जि में हि खत्म भईल
पांच सौवा बड़का नोट
कक्का के सुरती रही ग
बुढवा बाबू के तम्बाकू
टहल टहल बजारे हम
बेसवे लागे रहर के दाल
दाल के भाव सुनते
चढ़े लागल पारा हमार
रख्खा रख्खा भईया रख्खा
अबे हम आवत बानी
पांच सौवां के जरूरत पड़ ग
घर के चक्कर लगा के अईनी
सुनाई सुनाई खाली कइनी
झोला के हमनी सामान
पांच सौवां के दुगो नोट
टेट में लिहनी दबाय
खाली झोरा साईकल में
लिहली हम दबाय
घूम घूम समान खरिदनी
घर के कामे काज के
महंगाई क दस्तान देख
हो गईनी परेशान हम
बाजार से साईकिल लेई के
भईनी भईया हम फरहार

महेश गुप्ता जौनपुरी
गनापुर जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल – 9918845864

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

वफादारी

May 31, 2020 in मुक्तक

वफादारी

देश हित में कुछ काम करो
भारत मां को जंजालों से आजाद करो
अपने विचारों से योगदान करो
करके श्रम देश में सहयोग करो
जाति धर्म को भूलकर इंसान बनो
अपने देश के लिए तुम वफादार बनो

चोर उचक्कों का भंडाफोड़ करो
देश के लिए कुछ नेक काम करो
बहाकर खून पसीना देश का नाम करो
देश के शान के लिए जान अपना कुर्बान करो
इंसानियत भाई चारा का बस बात करो
दुश्मन बन पीठ पीछे ना घात करो
गरीब निर्धन का सहयोग करो
लूट खसोट करने वालों का इलाज करो
ढोंग स्वांग को छोड़कर ईमानदार बनो
अपने देश के लिए तुम वफादार बनो

अपने जन्मभूमि को नमस्कार करो
देश के चुनौति को स्वीकार करो
वतन की मिट्टी का सम्मान करो
देश के जवानों पर अभिमान करो
अपनी मिट्टी को चूमकर देशभक्त बनो
अपने देश के लिए तुम वफादार बनो

महेश गुप्ता जौनपुरी
पता – जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल – 9918845864

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

संस्कार

May 31, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

संस्कार

बदलते दौर के साथ बदल गया संस्कार
पैसे की होड़ में बिक कर रह गया संस्कार
पैर छूने की परम्परा है विलुप्त के कगार
हाथ जोड़ अभिवादन का चला है संस्कार

मां बाप के संस्कार का फिल्म धज्जियां उड़ा रहा
दमन करके संस्कार का समाज से मिटा रहा
सोशल मीडिया के प्रचार से संस्कार दम तोड़ रहा
शमन करके संस्कार का हमें जिंदगी से बरगला रहा

बचपन जवानी बुढ़ापे का मिट रहा है अब संस्कार
दादा दादी का लाज लिहाज मिटाकर कर रहा प्रहार
संस्कार शब्द रह गया है अब शब्दकोष के भण्डार
बदलते युग के संविधान में स्वीकार लिया हमने हार

जिससे मिला हमें संस्कार आंखें उन्हें तरेर रहा
गांव के संस्कार भूलाकर शहर हमें बिगाड़ रहा
संस्कार का गला घोंटकर अश्लीलता सीखा रहा
किसे हम दोषी माने अब संस्कार हमें दुत्कार रहा

महेश गुप्ता जौनपुरी
जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल – 9918845864

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

टिड्डी पर फिसड्डी हुआ पाक

May 31, 2020 in Other

टिड्डियों पर फिसड्डी हुआ पाक करता है जंग की बात

पाकिस्तान में इन दिनों टिड्डियों के आंतक से खड़ी फसलें चौपट हो रहीं हैं टिड्डियों का आंतक इस कदर बढ़ गया है कि जिस तरफ टिड्डियां रूख कर रहीं हैं फसल पेड़ पौधे के पत्तियों को चौपट करती जा रही हैं। एक साथ में कम से कम अस्सी लाख से एक करोड़ टिड्डियों का दल समुह बनाकर चल रहीं हैं जिस फसल पर निगाहें पड़ रहीं है उसे घण्टों में साफ करके दुसरे फसलों पर अपनी निगाहें दौड़ा रहीं हैं। टिड्डियों के आंतक का इलाज तो कर नहीं पा रहा है पाकिस्तान और बातें ऐंसा करेगा कि जैसे पाक के रहमो-करम पर ही हिन्दुस्तान पल रहा है। अब तो आलम ऐंसा हो गया है कि टिड्डियों का दल अब हिन्दुस्तान में भी पलायन कर रहीं है ये भी एक पाक का घिनौना चाल ही हो सकता है। टिड्डियों का आंतक हिन्दुस्तान के कई राज्यों में पहुंच गया भारत सरकार टिड्डियों के लिए मुस्तैद है टिड्डियों के आंतक को हम जड़ से खत्म करके ही सांस लेंगे। इमरान खान की सरकार टिड्डियों के आंतक का इलाज कर नहीं पा रही हैं ऐंसा लगता है पाकिस्तान कोरोना के कहर से पहले टिड्डियों के कहर से पहले मात खा जायेगा। इस समय पाकिस्तान का ऐंसा हाल हो गया है कि वहां के किसान खेतों में थाली और डब्बा बजाते फिर रहें हैं। उन्हें डर है कहीं टिड्डियों का दल उनके फसलों को चौपट ना कर जायें। पाकिस्तान में ऐंसा मंजर छाया है कि कोरोना के कारण पाकिस्तान के जनता को भरपेट भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है पाकिस्तानी जनता जहां भूखे मर रहीं हैं वहीं इमरान सरकार और बाजवा हिन्दुस्तान से लड़ने का शौक़ पाले बैठे हैं। पाकिस्तान के जनता का यह आरोप हैं कि सरकार जनता के दुख दर्द को जानते हुए भी अंजान हैं अपनी सेंकी बघारने के चक्कर में हिंदुस्तान को गिदड़ भभकियां और आंतकी हमले करवाने से आये दिन बाज नहीं आ रहा हैं। जबकि सच्चाई पाकिस्तान के हर नागरिक को मालूम हैं अगर हिन्दुस्तान से पाकिस्तान जंग लड़ने का भी कोशिश करेगा तो पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जायेगा। जहां इमरान खान शांति का पैगाम देने की कोशिश करते रहते हैं वहीं आंतकवाद का भी घिनौना खेल पीठ पीछे खेलते हुए मियां मिट्ठू बनने की कोशिश में भी लगे रहते हैं। अपने घिनौने चाल से पाकिस्तान विश्व में अपना पहचान बना रहा है इन्हीं करतूतों के वजह से पाकिस्तान समृद्धि के पथ से भटक गया है। जहां हर देश अपने देश को सम्पन्न करने के लिए नये नये उपकरणों एवं नये नये शोध में लगा है वहीं इमरान खान टट्टू पालन करके पाकिस्तान का अर्थब्यवस्था मजबूत करने में लगा हैं।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

सोनू सूद

May 31, 2020 in मुक्तक

बड़े बड़े भामाशाह और उद्योगपति का
संस्कार को मार दिया कोरोना ने मति
सोनू सूद नमन है आपके प्रेरणा को
मजदूर के हातालो को बखूबी समझा

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

आरक्षण

May 31, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

आरक्षण वाली चाय की दुकान

मैंने मन ही मन एक प्लान बनाया
आरक्षण वाला चाय का दुकान खुलवाया
दुकान के अंदर तीन सिट बनवाया
अलग अलग कैटगरी को अलग बैठवाया
जनरल ओबीसी एससी एसटी का छाया
पड़े ना एक दुसरे पर काया का माया
चाय के मुल्य कैटगरी पर निर्धारित करवाया
आरक्षण के आधार पर चाय पिलवाया
जनरल कैटेगरी को सौ रुपए का लिस्ट चस्पवाया
आरक्षण के बल पर कहर गजब का मैंने ढाया
ओबीसी कैटगरी को साठ रुपए का चाय पिलाया
आरक्षण में उसको पानी भी मुफ्त पिलाया
एससी एसटी कैटगरी को दस रूपए का चाय दिया
साथ में मस्का ब्रेड पांव और नमकिन भी मुफ्त दिया
सारा माजरा देख जनरल और ओबीसी झड़प पड़े
चाय वाले का सारा काला करतूत देख बरस पड़े
बोले भाया ये कैसा अंधेर नगरी बसा रखा है
खून पसीने की कमाई मुझसे क्यो वसूल कर रहा है
एससी एसटी का सेवा तुम खूब कर रहा है
आरक्षण के पाठशाला में मुफ्त में नाश्ता करा रहा है
गुर्रा कर दुकानदार जोर जोर से चिल्लाया
सरकार का हि है यह आरक्षण का साया
बड़े जल्दी उठ गये पीकर चाय का प्याला
मुझसे पहले सरकार से पुछो आरक्षण क्यों लाया
सरकार अगर बन्द‌ करेंगी आरक्षण की दुकान
आना तुम्हें भी खिलाऊंगा पिलाऊंगा चाय और पकवान

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

वृक्षारोपण करो

May 31, 2020 in मुक्तक

वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ आंदोलन को चलाना‌ है,
वृक्षारोपण से धरा को हरा भरा बनाना है ।
मिलकर आओ सभी धरा के प्रकृति प्रेमियों,
वृक्ष कटने से हम सभी प्रहरी को बचाना है।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

नयन

May 31, 2020 in मुक्तक

नयन की भाषा सब कह जाते,
वाणी भले ही बात छिपाते ।
प्रेम उपज को कोई बांध ना पाये,
टूटते रिश्ते भी दर्द में प्यार पाते।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

वियोग

May 31, 2020 in मुक्तक

वियोग स्वीकार करके हार ना मानो,
प्यार में अपने आप को मार ना डालो।
हे प्रियतमा मेरे बातों को तुम समझो,
खुद को तड़पा कर अब जान ना लो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

ज्ञानी

May 31, 2020 in मुक्तक

ज्ञानी को ज्ञानी बनने दो,
व्याधान वालों से सावधान रहों।
बहुत मिलेंगे ज्ञानी राहों में,
अपनी सुर में सबको बहने दो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

नयन

May 31, 2020 in मुक्तक

नयन पर ही करते विश्वास सभी,
जीवन के सारे घटनाओं पर ।
लड़कर हमें अब जीतना होगा,
संसार के सारे समस्याओं पर।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

ज्ञान की धारा

May 31, 2020 in मुक्तक

मोह माया के चक्कर में पड़कर,
ना करो ज्ञान की धारा को चौपट ।
सिखों और सिखाओ समाज को,
ना करो अपने ज्ञान से तुम कपट।।

✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

सबक

May 31, 2020 in मुक्तक

अकेले रहकर पशु पंक्षी बनकर नहीं जीना,
इंसान बनकर इंसानियत से है राह दिखाना।
मान गये तो गले लगाकर समाज का करेंगे उध्दार,
नहीं तो मुंह तोड ज़बाब देकर है सबक सिखाना।।

महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

करनी कथनी

May 31, 2020 in मुक्तक

इंसानी चाह मर रहा लोगों में दुरियां हो रहा,
बेपरवाही के रवानी में चाहत खत्म हो रहा।
जिनको कुछ नहीं चाहिए वे भी तांक लगाये बैठे,
करनी कथनी के चक्कर में जलता दिया बुझा रहा।।

✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

रवानी

May 31, 2020 in मुक्तक

इंसानी चाह मर रहा लोगों में दुरियां हो रहा,
बेपरवाही के रवानी में चाहत खत्म हो रहा।
जिनको कुछ नहीं चाहिए वे भी तांक लगाये बैठे,
करनी कथनी के चक्कर में जलता दिया बुझा रहा।।

✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

राज की बात

May 31, 2020 in मुक्तक

राज की बात बताऊं मैं एक,
शेर के खाल में बैठा भेडीयां।
दो शक्ल लिए घुम रहा है,
बनकर देखो कोई बहुरूपिया।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

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by महेश गुप्ता जौनपुरी

नर नारी

May 31, 2020 in मुक्तक

नर नारी के वेष में आया कोई छलिया,
तन मन को करके वश में ठगा मुझे ठगिया।
अन्तर्मन के लिलाओ से बनाया भेष अद्भुत,
मग्न होकर अपने अधर्म के बल से नाचे भेड़िया।।

🙏महेश गुप्ता जौनपुरी

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