सौ टके की बात

January 1, 2026 in हिन्दी-उर्दू कविता

प्यार करके पछतावा क्यों करते हो साहेब।

प्यार करने का दिखावा क्यों करते हो साहेब ।।

तुम कहते थे, पूरे मन से तुमसे प्यार करते है ।

फिर इस जिस्म पर दावा
क्यों करते हो साहेब ।।

जीवन एक नदी

December 28, 2025 in गीत

ये जीवन तो नदी के समान है,

जीना है तो चलना पड़ेगा सदा ll

राह में आएगा कई पर्वत विशाल l

बिखर न जाना खुद को संभाल ll

हौसलों से ही अब तो उड़ान है,

धीर – वीर कैसे हारेगा भला l

ये जीवन तो नदी के समान है,

जीना है तो चलना पड़ेगा सदा ll

मर्म स्पर्शों से शिलाओं को पार कर लो l

भूल जाओ द्वेष ईर्ष्या सब से प्यार कर लो ll

ताकत से भले जीत जाए इंसान है,

पर मृदुवाणी से मन जीते जाते सदा l

ये जीवन तो नदी के समान है,

जीना है तो चलना पड़ेगा सदा ll

चारों ओर यहाँ विषधर हैं खड़े l

पर चंदन को कहा फर्क है पड़े ll

परहित जो जीये जीवन महान हैं,

इसलिए मानव जीवन है सबसे जुदा l

ये जीवन तो नदी के समान है,

जीना है तो चलना पड़ेगा सदा ll

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