Sandeep

by Sandeep

तेरा ही चेहरा होगा

March 4, 2018 in हिन्दी-उर्दू कविता

****** तेरा ही चेहरा होगा ******
जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा….
वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा….
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गिला रहता है चेहरे के नकाब से……
जो महरूम रखता है दीदार से……
जब भी वो नकाब हटता होगा…..
शायद चाँद वहीं पर दिखता होगा…… …..
जब भी आसमां देखुगाँ,तेरा ही चेहरा होगा…….
वो ही बिजली वो ही बादल वो ही चाँद होगा…..
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by Sandeep

तेरा ही चेहरा होगा

March 3, 2018 in हिन्दी-उर्दू कविता

****** तेरा ही चेहरा होगा ******
जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा….
वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा….
********
माना चेहरा उसका आफताबी होगा……
पर क्या मेरे लिए यह काफी होगा…….
शाख्सियत भी जरुरी है इश्क़ में………
हाँ, हाँ, उसका दिल भी साफ होगा…………..
जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा…
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by Sandeep

शख्स

March 3, 2018 in हिन्दी-उर्दू कविता

उसने देखा यूँ जैसे कभी देखा ही न था……
कभी आँखों में बसाया था, आज सरेराह बेगाना कर गया…..
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दिल में कसक ठहरी हुई हैं, मिलेगी तो पूछुगां….
गलती दोनों की थी, तो सारी सजा मुझे क्यो दे गया…..

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