sunil verma

वक्त मुश्किलों से भरा है

April 8, 2021 in Other

हम सब परेशान है
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है
सब रास्ते है खुले
और सड़के भी साफ है
एक किनारे पर है चलना
दुसरे पर मौत है
ज़िंदगी की इस सफर में
सब मौत से डरा है
हम सब परेशान है
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा हैं
हर कोई कोशिशें कर रहा है
ज़िंदगी में खुशियाँ लाने की
हर एक की ये चाह है
की ज़िंदगी में हो खूशी
ज़िंदगी का दर्द है
और मौत का है खौफ
रोज रोज ये ज़िंदगी
रोज रोज ये मौत
मौत का है ज़ोर पर
जीने का फैसला हैं
हम सब परेशान हैं
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है।।

नैना मूंद मूंद जा…

March 21, 2021 in गीत

नैना मूंद मूंद जा
सोना नहीं वे सोना नहीं
काटे जग बैरी तो
रोना नहीं वे रोना नहीं
किस जहाँ में
ले आ गयी है हवाएँ
इस जहाँ में
होते हैं अपने पराये
मतलब की भिड़ है
खोना नहीं वे खोना नहीं
नैना मूंद मूंद जा
सोना नहीं वे सोना नहीं
ढूंढो डगर ना ऐसे खफा हो
मन में उम्मीदें रख कर
चलो वहां जहां कोई भी ना हो
मन में उम्मीदें रख कर
जहां दिल तेरा चाहे
तू जा वहीं वे तू जा वहीं
नैना मूंद मूंद जा
सोना नहीं वे सोना नहीं
काटे जग बैरी तो
रोना नहीं वे रोना नहीं।

आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,

February 9, 2021 in गीत

आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,
जीवन संवार दो हमरी,,,,
चरणों की रज बनायी के
कर दो कृपा एक आंखरी
आँगन खुन्दी लो सांवरो ,,,,
जीवन संवार दो हमरी,,,,
हम पर विपत्तियों की
जब जब बही है धारा
तेरा ही तो आसरा है
तेरा ही तो है सहारा
इतना करी दो सांवरो
हो पास हम तेरे ही
आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,
जीवन संवार दो हमरी,,,
_____✍

कैसा है ये खयाल,,

February 8, 2021 in ग़ज़ल

कैसा है ये खयाल
ऐसा है अपना हाल
जैसे,,,,
लठ्ठे जल के
बनता हो राख
राख के भीतर
छोटी सी आग
आग मरता
रहता है
हाल अपना
वैसा है,,
जैसे,,,,,
गर्मी के दिन में
सूरज कि ताप
मन में रखकर
बरखा कि याद
ताप पत्थर
सहता है
हाल अपना
वैसा है,,,

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