Raajdulara

है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे बोल मुझे, इस जीवन से अच्छे लगते है। माँ का आँचल तो ,मुझको इस जीव जगत से प्यारा है। हर बेटा इस जग में अपनी माँ का राजदुलारा है।


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14 Comments

  1. Pragya Shukla - December 14, 2019, 8:47 am

    Good

  2. Pratishtha Shukla - December 14, 2019, 10:03 am

    Good

  3. Pragya Shukla - December 14, 2019, 12:11 pm

    Good

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 14, 2019, 1:45 pm

    Nice

  5. King radhe King - December 14, 2019, 2:27 pm

    Waah

  6. Abhishek kumar - December 14, 2019, 6:00 pm

    सुन्दर रचना

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