सृजन प्रकृति का
मनमोहक है बड़ा,
इंद्रधनुषी रंगों से सजा
ये दृश्य प्रकृति का,
मनमोहक है बड़ा,
ये नदियां अल्लड बाला सी,
अठखेलियां करती हुई,
ये ऊंचे ऊंचे पहाड़
उसे प्यार से निहारते हुए,
ये मदमस्त हवाएं पेडो के
आंचल को उड़ाती हुई,
ये झरनों की फुहारे,
ये बादल का गर्जन,
फिर घनघोर बारिश,
यह चंदा लगे आकाश
के झरनों से नहाकर बादलों संग
आंख मिचोली खेलती हुई,
सृजन प्रकृति का
मनमोहक है बड़ा,
यह रंग बिरंगी चिड़िया,
जैसे ईश्वर ने बैठकर
शांति से बनाया हो इसे,
बच्चे ये प्यारे-प्यारे,
फूल ये रंग-बिरंगे,
ये रंग विरंगी तितलिया,
सृजन प्रकृति का
मनमोहक है बडा |
Srijan prakriti ka
Comments
8 responses to “Srijan prakriti ka”
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सुन्दर रचना
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Thanks
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वाह बहुत सुंदर
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Thanks
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Khubsurat rachna
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Thanks
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Thanks
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Good
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