अधीर बनो,अधीर बनो

अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो, अधीर बनो
मां भारती के लाल
तुम हो सर्व शक्तिमान
विजय की पताका ले हाथ
दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम
शमशीर बनो, शमशीर बनो
अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो ,अधीर बनो
रक्त में है उबाल, मातृभूमि रही पुकार
गलतियों का करो अब हिसाब
पीओके के साथ सिंध पर भी धरो ध्यान
सुन कर अरिदल थर थर कांपे वो तुम
गीत बनो गीत बनो
अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो अधीर बनो
शिवराज खटीक


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10 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 16, 2020, 7:40 am

    Nice

  2. Priya Choudhary - January 16, 2020, 10:31 am

    बहुत अच्छा

  3. NIMISHA SINGHAL - January 16, 2020, 1:54 pm

    Very nice

  4. Kanchan Dwivedi - January 16, 2020, 3:17 pm

    Very good

  5. Shiva Khatik - January 16, 2020, 6:19 pm

    सभी को आभार

  6. Abhishek kumar - January 16, 2020, 10:23 pm

    Nice

  7. NIMISHA SINGHAL - January 17, 2020, 5:39 pm

    वाह

  8. Pragya Shukla - January 17, 2020, 10:14 pm

    Nice

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