“आदत” #2Liner-80

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ღღ__रात के सन्नाटे की, कुछ ऐसी आदत लगी है “साहब”;
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कि सुबह के शोर में हमसे, अब और जिया नहीं जाता!!….‪#‎अक्स‬

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1 Comment

  1. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:35 pm

    इतनी सुंदर लेखनी से निकले सुंदर कविता

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