“इंतज़ार” #2Liner-72

ღღ__भला लफ़्ज़ों में इंतज़ार को, कहाँ तक लिखे कोई “साहब”;
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कभी तुम खुद ही आके देख लो, कि अब थक रहा हूँ मैं !!….‪#‎अक्स‬
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6 Comments

  1. Ushesh Tripathi - March 12, 2016, 8:54 am

    Jabradast Bhaiya

  2. Anjali Gupta - March 12, 2016, 12:08 pm

    beautiful lines

  3. Abhishek kumar - January 5, 2020, 6:05 pm

    Good

  4. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:39 pm

    लफ्जों में इंतजार को नहीं लिखा जा सकता

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