एकता की जोत

हम भारत मैं एकता की
अखंड जोत जलायेंगै
बहकावे में किसी के
अब न हम आयेंगे
दुख और मुश्किलों से
अब ना हम घबरायेंगे
रोटी एक हो या आधी
मिल बांटकर हम खायेंगे
अभी प्रेम हमारा
देखा है तुमने
जिस दिन रोष हमारा
देखोगे
खुदा भी बचा न पायेगा
खूनी दिन और खूनी रातें
कब तिलक खेल ये खेलोगे
जाग गया है हिन्दूस्तान
जाग गया है बच्चा – बच्चा
जाग गया हर नोजवान
दंगाईयों को मार – मारकर
देश से हम भाग देंगे
अब देश को यूँ ना हम
खूनी रंग से रंगने देंगे
यहाँ प्यार बसे हैं दिलों में
प्यार के रंग चढायेंगे
सबसे पहले भगवा रंग
फिर तिरंगा हम लहरायेंगे

प्रस्तुति – रीता अरोरा


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5 Comments

  1. Kavi Manohar - August 12, 2016, 10:39 pm

    Bahit hi umda kavya

  2. Anirudh sethi - August 13, 2016, 12:32 am

    behatreen

  3. Satish Pandey - July 31, 2020, 8:46 am

    जय हिंद

  4. प्रतिमा चौधरी - September 9, 2020, 12:19 am

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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