करोना का कहर।

रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन
जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन,
बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है
मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है?
रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से दूर
तभी बचेंगी चूड़ियाँ, माथे का सिन्दूर।

अनिल मिश्र प्रहरी।


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10 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - March 24, 2020, 8:42 pm

    Nice

  2. Kanchan Dwivedi - March 24, 2020, 9:09 pm

    Nice

  3. Abhishek kumar - March 25, 2020, 9:25 am

    गुड

  4. Dhruv kumar - March 26, 2020, 10:36 am

    Good

  5. Anil Mishra Prahari - March 31, 2020, 6:46 pm

    धन्यवाद।

  6. Pragya Shukla - April 1, 2020, 2:15 pm

    Ooo

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