गांधी मशाल

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जिनके एक आवाहन पर सबने अपने हाथ उठाये थे,
कदम-कदम पर अंग्रेजी शासन के छक्के साथ छुड़ाए थे,

जिनके कहने पर अस्त्र वस्त्र सब मिलकर साथ जलाये थे,
सत्य-अहिंसा के अचूक तब शस्त्र सशक्त उठाये थे,

सच की ताकत के आगे जब तोपो के रंग उड़ाए थे,
गांधी मशाल ले हाथ सभी ने विदेशी दूर भगाए थे,

सत्याग्रह की आग लिए जब मौन रक्त बहाये थे,
मानवता और अधिकारों का खुल कर बोध कराये थे,

डांडी यात्रा में गांधी जी जब समुद्र किनारे आये थे,
जाति धर्म के तोड़ के बन्धन जन पीछे-पीछे आये थे,

पोरबन्दर में जन्म लिया पर हर मनमन्दर पे छाए थे,
दुबले पतले थे पर बापू देखो वीर कहाये थे,

ब्रिटिश राज को ध्वस्त किये और आजादी के रंग दिलाये थे,
यूँही भारत माँ के आँचल पर बापू ने पुष्प चढ़ाये थे।।
राही (अंजाना)

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30 Comments

  1. Neha - September 27, 2019, 6:56 pm

    Waah

  2. देवेश साखरे 'देव' - September 27, 2019, 7:10 pm

    बढ़िया रचना

  3. NIMISHA SINGHAL - September 27, 2019, 7:36 pm

    Great

  4. D.K jake gamer - September 27, 2019, 9:20 pm

    Nice

  5. Prince Wahid - September 27, 2019, 11:00 pm

    Waah Bahut Khoob..rahi Ji

  6. Prafull Pandya - September 27, 2019, 11:17 pm

    Wah kya baat hai

  7. Amit Kumar - September 28, 2019, 7:52 am

    Nice poem Rahi Anjana ji

  8. Ashmita Sinha - September 28, 2019, 7:19 pm

    Nice

  9. Prince Wahid - September 30, 2019, 11:02 pm

    Very Very Nice

  10. Prince Wahid - September 30, 2019, 11:05 pm

    गाँधी जी की जीवन गाथा का सही विश्लेषण

  11. Nikhil Biban - October 1, 2019, 9:42 pm

    Very very nice

  12. Latif Qazi - October 1, 2019, 10:11 pm

    Nice

  13. reellitend vines by Rohit Bhardwaj - October 2, 2019, 12:19 pm

    Beautifull lines and good words…i have ever seen..

  14. Uzma Siddiqui - October 2, 2019, 1:15 pm

    Nice poetry👌

  15. RITESH SAINI - October 2, 2019, 2:11 pm

    Bht sunder

  16. Saksham Dhalla - October 2, 2019, 3:13 pm

    Nice poem sir

  17. Saksham Dhalla - October 2, 2019, 3:25 pm

    Good poem

  18. Riyaz Saifi - October 2, 2019, 4:15 pm

    Wahh

  19. AB Sir - October 3, 2019, 5:13 am

    शानदार जानदार बेमिसाल
    ✌✌✌✌

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