गुजारिश की उसने

गुजारिश की उसने पर
मैने ना सुनी
शिकायत की उसने
मगर मैंने ना सुनी
यही सोच कर…..
कि उसने भी मेरी
कहां सुनी थी जब हमें उसकी जरूरत थी….

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