“गुफ्तगू” #2Liner-108

ღღ__दुश्वारियाँ लाख सही लेकिन, गुफ्तगू करते रहो “साहब”;
.
मुसलसल चुप रहने से भी कोई, मसला हल नहीं होता!!…..‪#‎अक्स‬


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5 Comments

  1. Panna - April 27, 2016, 12:37 pm

    Umda!!

  2. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 5:46 pm

    सुंदर विचार

  3. Pragya Shukla - April 18, 2021, 7:17 pm

    Nice

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