जज़्बाते – दिल

अजीब सी है ये ज़िन्दगी,
कभी, फूलों सी कोमल लगी।
कभी शमशीर की धार हुई,
दिल के जज्बातों को जब- जब किया बयां,
एक कविता हर बार हुई ।


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16 Comments

  1. MS Lohaghat - September 6, 2020, 2:32 pm

    बहुत बढ़िया, wow

  2. Satish Pandey - September 6, 2020, 2:33 pm

    वाह क्या बात है, सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 6, 2020, 2:36 pm

    अतिसुंदर भाव

  4. Suman Kumari - September 6, 2020, 3:54 pm

    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

    • Geeta kumari - September 6, 2020, 5:04 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका सुमन जी

  5. Indu Pandey - September 6, 2020, 4:57 pm

    Very Nice

  6. Piyush Joshi - September 6, 2020, 7:37 pm

    बहुत खूब

  7. Isha Pandey - September 6, 2020, 8:36 pm

    बहुत खूब

  8. मोहन सिंह मानुष - September 6, 2020, 10:43 pm

    शानदार

    • Geeta kumari - September 6, 2020, 10:46 pm

      बहुत बहुत शुक्रिया आपका मोहन जी 🙏

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