चिलचिलाती धूप और भयंकर गर्मियां
व्यापित है इस जेठ में ।
दशा बताये क्या प्राणियों की छाया भी
जाए छाया की हेठ में।।
जेठ की गर्मी
Comments
6 responses to “जेठ की गर्मी”
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वाह बहुत सुंदर रचना
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धन्यवाद
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🖋👌
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Thanks
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👏👏
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Thanks
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