पत्र

पत्र

ये लहू कह रहा है कि भूल न जाना,
न हम कर सके जो वो करके दिखाना,
हम मिटे सरहदो पे कोई गम हमें नहीं
इस हिन्द की आजादी का , न कोई मोल तुम लगाना

कण कण समेट हम धरा से,एक अडिग शैल बन जाएंगे
तुम छू सको हर कोर को, एेसा स्वतंत्र नभ दे जाएंगे
कभी शूल जो बिखरे हुए हो मुश्किलों के वतन पे,
इस देह में उनको समा, कहीं तिरंगे में लिपट जाएंगे I

प्रेम का विश्वास का नित दीप तुम जलाना,
मेरे हिन्द को विकास के पथ पर तुम चलाना,
ये कर्तव्य है तेरा सदा सुनो ए नौजवाँ,
पग पग हर एक मोड़ पर तुम इसको निभाना I


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

याद कर लो सभी आज उनको

15 अगस्त का पर्व है

कब आयेगा नया सवेरा

दुर्लभ पेड़

3 Comments

  1. Udit jindal - August 22, 2016, 3:23 pm

    बेहतरीन जी

  2. Satish Pandey - July 31, 2020, 8:37 am

    जय हिंद

  3. Abhishek kumar - July 31, 2020, 10:08 am

    👏👏

Leave a Reply