पास ही रहो

बिना आपके सोचना भी मना है
बिना आपके पथ अंधेरा घना है,
बिना आपके जिन्दगी है अधूरी
पास ही रहो, जीने को हो जरूरी।

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Responses

    1. आपके द्वारा की गई ये सुन्दर समीक्षाएं पूंजी स्वरूप हैं। इस उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। गीता जी

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