पास ही रहो

बिना आपके सोचना भी मना है
बिना आपके पथ अंधेरा घना है,
बिना आपके जिन्दगी है अधूरी
पास ही रहो, जीने को हो जरूरी।


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16 Comments

  1. Piyush Joshi - September 17, 2020, 9:13 am

    Very good poem

  2. Geeta kumari - September 17, 2020, 10:18 am

    Very beautiful poem satish ji…
    The expression of the emotions are presented in a
    Very beautiful way.. salute sir.

    • Satish Pandey - September 17, 2020, 7:20 pm

      आपके द्वारा की गई ये सुन्दर समीक्षाएं पूंजी स्वरूप हैं। इस उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। गीता जी

  3. Chandra Pandey - September 17, 2020, 10:27 am

    Very nice lines, wow

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 17, 2020, 11:18 am

    सुंदर

  5. Praduman Amit - September 17, 2020, 11:36 am

    बहुत ही सुंदर प्रस्तुति है।

  6. Pratima chaudhary - September 17, 2020, 12:05 pm

    सुन्दर प्रस्तुति

  7. Devi Kamla - September 17, 2020, 6:42 pm

    बहुत ही सुंदर

  8. MS Lohaghat - September 17, 2020, 8:28 pm

    बहुत खूब

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