प्रज्ञा जी की कविता ‘वनिता’ को प्राप्त हुई सराहना

हाल ही में प्रज्ञा जी की कविता ‘वनिता’ को प्रेस में काफ़ी सराहना मिली। सावन परिवार प्रज्ञा जी के लिये कामना करता है कि उनको काव्य की दुनिया में हर दिन नई ऊंचाई और दिशा मिले।

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Responses

  1. मुझे खुशी है कि आपकी रचना को स्तरीय पत्रिका वनिता के माध्यम से सराहा गया। आप इस तरह ही कामयाबी के घोड़े पर सवार हो कर बुलंदी को स्पर्श करती रहे। बहुत बहुत बधाई हो प्रज्ञा जी ।

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