बहुत याद आते हैं

बहुत याद आते हैं,
वो गुजरे हुए पल।

वो तुम्हारे खत का इंतजार।
हर पल मिलने को बेकरार।
गलियों में घुमना बनकर आवारा,
पाने को एक झलक का दीदार।

बहुत याद आते हैं।

तुम्हारे मिलने का वादा।
बेकरारी बढ़ाती और ज्यादा।
मिलने के बाद तुमसे,
ना जाने देने का इरादा।

बहुत याद आते हैं ।

बेपरवाह थे, क्या कहेगा जमाना।
फिर भी छुप कर मिलना मिलाना।
छिपकर मिलने का अलग मजा था,
हर जुबां पे था बस हमारा फसाना।

बहुत याद आते हैं।

जुबां से बगैर कुछ भी कहे।
हाले-दिल बयां करती निगाहें।
वो शरमा कर पलकें झुकाना,
गले में डाल कर अपनी बाँहें।

बहुत याद आते हैं ।

गुजरे वक्त लौट कर नहीं आते।
हसरत है, ये भलीभाँति जानते।
जहाँ मैं तुम्हारा दिवाना, तुम मेरी चाहत,
फिर से वो पल हैं जीना चाहते।

बहुत याद आते हैं।
वो गुजरे हुए पल।

देवेश साखरे ‘देव’


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

भोजपुरी चइता गीत- हरी हरी बलिया

तभी सार्थक है लिखना

घिस-घिस रेत बनते हो

अनुभव सिखायेगा

10 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 17, 2020, 4:29 pm

    Good

  2. Praduman Amit - June 17, 2020, 5:41 pm

    कहाँ गये वो दिन।

  3. Pragya Shukla - June 18, 2020, 10:19 am

    Good

  4. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:54 pm

    उम्दा रचना

Leave a Reply