“बाज़ी” #2Liner-69

ღღ__एक बाज़ी गर जीत भी गया, बेईमानी से वो साहब;
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महफिल फिर से सज जायेगी, कि वफात बाकी है मेरी !!……‪#‎अक्स‬

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