“बुरा लगता है”

ღღ__तेरे लब पे सिवा मेरे, कोई नाम आये तो बुरा लगता है;
इक वही मौसम, जब हर शाम, आये तो बुरा लगता है!
.
जागते रहने की तो हमको, आदत हो गयी मोहब्बत में;
नींद अब किसी रोज़, सरे-शाम आये तो बुरा लगता है!
.
गर इन तन्हाईयों में गुमनाम ही, मर जाऊं तो बेहतर है;
अब किसी महफ़िल में, मेरा नाम आये तो बुरा लगता है!
.
ज़र्द पड़ चुके हैं सारे, वो टूटते पत्ते, बेजुबाँ मोहब्बत के;
अब इश्क़ के नाम से, कोई पयाम आये तो बुरा लगता है!
.
ज़िन्दा हैं जब तक “अक्स”, उन लबों के बे-हिसाब पैमाने;
मेरे इन होठों पे कोई और, जाम आये तो बुरा लगता है!!…
.‪
#‎अक्स‬

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close