“रंग” #2Liner

ღღ__कुछ एक बे-रंग क़तरों में, बह गया ज़िन्दगी का हर एक रंग;
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सबक क्या-क्या नहीं सीखे, “अक्स” हमने आंसुओं की जानिब से!!…‪#‎अक्स‬
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A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

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6 Comments

  1. देव कुमार - June 18, 2016, 3:18 pm

    So NIce

  2. Kanchan Dwivedi - March 10, 2020, 6:01 am

    Nice

  3. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 10:59 am

    बहुत सुंदर

  4. Pragya Shukla - April 17, 2021, 12:28 am

    बहुत सुन्दर रचना प्रस्तुति

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