रास्ता कहीं से तो जाता होगा

वो आते तो हैं
मेरे आशियाने में..
मुझी से मिलने मगर जताते नहीं हैं
बस हम समझ जाते हैं..
नज़रे झुकाए रहते हैं और
दिल लगाने की बात करते हैं..
कितने नादान हैं
चुपके से देख लेते हैं
रुख पर मुस्कान लिये…
मैं जानती हूँ वो तगाफुल
करने में माहिर हैं
पर हम भी दिल में
बस जायेंगे आहिस्ता- आहिस्ता…
रास्ता कहीं से तो जाता होगा
उनके दिल तक!
पहुँच ही जाऊँगी उन तक
फिर देखूँगी कहाँ जाते हैं
हमसे बचकर…


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

हैसियत क्या थी मेरी…

कंघी

जज़्बाते – दिल

तमाशा

12 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - March 24, 2020, 8:11 am

    Nice

  2. Kanchan Dwivedi - March 24, 2020, 10:52 am

    Nice

  3. Anita Mishra - March 24, 2020, 8:52 pm

    Very nice

  4. Abhishek kumar - March 25, 2020, 9:26 am

    👌👌

  5. Dhruv kumar - March 26, 2020, 10:37 am

    Nyc

  6. Vani Shukla - April 4, 2020, 5:04 pm

    Good

Leave a Reply