“वहम” #2Liner-94

ღღ__ये भी हो सकता है मुझको, फिर से वहम हुआ हो “साहब”
.
फिर भी पूछ लो ना दिल से, क्यूँ मुझे आवाज़ देता है!!…‪#‎अक्स‬
.
AkS_Bhadouria


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

5 Comments

  1. Anjali Gupta - April 3, 2016, 9:36 am

    nice lines 🙂

  2. Pragya Shukla - April 18, 2021, 7:26 pm

    बहुत सुन्दर रचना प्रस्तुति

Leave a Reply