“शिकायत” #2Liner-67

ღღ__बहुत खामोश रहते हो, तुम भी आज-कल “साहब”‘;
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ख़ुदा से है शिकायत या, खुदी से नाराज़ रहते हो !!…..‪#‎अक्स‬
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5 Comments

  1. Anjali Gupta - March 9, 2016, 6:09 pm

    nice!!

  2. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:52 pm

    Good

  3. Abhishek kumar - January 5, 2020, 9:42 am

    Good

  4. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:43 pm

    बहुत खामोश रहते हो
    दिल को छूती पंक्तियां

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