पतझर के मौसम
उस पे बसंत बहार
आसमान से बरसे
सावन के फुहार।
कहीं मन जले
कहीं ख्वाबो के
आशियाना जले
यही मौसम में होता है
अपनो से अपनो का प्यार।।
बिन पायल के
पग में घूंघरू बजे
कोयल की बोली
साजन के याद दिलाये
बड़ा दर्द जगाता है
सावन के फुहार।
सावन के फुहार
Comments
5 responses to “सावन के फुहार”
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Nice
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👍
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Nice
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Nice
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