सुनहु जानकी मातु मैं

सुनहु जानकी मातु मैं
हूँ रघुवर का दास।
करता हूँ सेवा सदा
रहता चरनन के पास।।


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9 Comments

  1. Master sahab - June 27, 2020, 7:40 pm

    सुंदर

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 27, 2020, 9:22 pm

    Nice

  3. Anurag Shukla - July 7, 2020, 8:42 pm

    👏👏👏

  4. Anurag Shukla - July 7, 2020, 8:55 pm

    👌👌

  5. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:04 pm

    सुन्दर

  6. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:21 am

    पिता जी और हनुमान जी के संवाद को आपने दोहे में बहुत ही अच्छे से पिरोया है काबिले तारीफ

  7. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 1:01 pm

    Nice

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