स्वतंत्रता दिवस

चलो मिलकर एक नया मुल्क बनाते हैं,
जहाँ सरहद की हर दिवार मिटाते हैं,
छोड़ कर मन्दिर मस्ज़िद के झगड़े,
हरा और भगवा रंग मिलाते हैं,
चलो मिलकर एक…..
जिस तरह मिल जाते हैं परिंदे परिंदों से उस पार बेफिकर,
चलो मिलकर हम भारत और पाकिस्तान को एक आइना दिखाते हैं,
जब खुदा एक और रंग एक है खून का तो,
चलो मिलकर हम सारी सर ज़मी मिलाते हैं॥
चलो मिलकर एक नया मुल्क बनाते हैं॥
राही (अंजाना)


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2 Comments

  1. Ankush Jain - July 28, 2016, 12:01 pm

    behtareen… 🙂

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