चलो मिलकर एक नया मुल्क बनाते हैं,
जहाँ सरहद की हर दिवार मिटाते हैं,
छोड़ कर मन्दिर मस्ज़िद के झगड़े,
हरा और भगवा रंग मिलाते हैं,
चलो मिलकर एक…..
जिस तरह मिल जाते हैं परिंदे परिंदों से उस पार बेफिकर,
चलो मिलकर हम भारत और पाकिस्तान को एक आइना दिखाते हैं,
जब खुदा एक और रंग एक है खून का तो,
चलो मिलकर हम सारी सर ज़मी मिलाते हैं॥
चलो मिलकर एक नया मुल्क बनाते हैं॥
राही (अंजाना)
स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त पर देशभक्ति कविता 26 जनवरी पर कविता saavan आजादी पर हिंदी कविता गणतंत्र दिवस पर कवितायें गणतंत्र दिवस पर भाषण गणतंत्र दिवस पर शायरी गणतंत्र दिवस पर शेर गणतंत्र दिवस पर स्लोगन गणतंत्र दिवस पर हास्य कविता छोटे बच्चों के लिए देशभक्ति कविता देश प्रेम पर छोटी कविता देश भक्ति कविता डाउनलोड देशभक्ति कविता 2019 देशभक्ति कविता मराठी देशभक्ति की कविता सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता स्वतंत्र दिवस पर कवितायें स्वतंत्रता दिवस पर कविता स्वतंत्रता दिवस पर नारे स्वतंत्रता दिवस पर निबंध स्वतंत्रता दिवस पर भाषण स्वतंत्रता दिवस शायरी स्वतंत्रता पर बाल कविता स्वतंत्रता सेनानियों पर कविता
Comments
4 responses to “स्वतंत्रता दिवस”
-

behtareen… 🙂
-
thanks
-
-
जय हिंद
-
उत्तम
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.