“हद” #2Liner-64…..

ღღ__कभी फुरसत मिले जो ‘साहब’, तो पूरी ये अहद कर दो;
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कुछ इस हद तक मुझे चाहो, कि बस “हद” कर दो !!…..#अक्स
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A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

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3 Comments

  1. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:17 pm

    Good

  2. Abhishek kumar - January 4, 2020, 11:05 pm

    Wow

  3. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:47 pm

    Beautiful poem

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