हमन प्रबुधिया नोएन गा

“हमन परबुधिया नोएन गा”
**************************

जांगर पेरत पसीना चुचवावत,
भुइय्या के छाती म अन उगावत,
चटनी बासी के खवैय्या आवन न,
येहर धान के कटोरा हावे गा,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

मोर छाती म बिजली पानी,
रुख राई अउ जंगल झाड़ी,
कोयला के खदान हावे गा,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

चारो मुड़ा हे नदिया नरवा,
हीरा लोहा टिन के भंडार हावे,
इहाँ के लोहा जपान जाथे न,
बैलाडीला भिलाई महान हावे,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

इहाँ के जंगल म तेंदू पत्ता,
साल सागौन के रवार हावे न,
हर्रा बेहड़ा चार महुवा तेंदू,
लाख कत्था अउ जड़ी बूटी,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

इहाँ के भुइय्या म महानदी,
अरपा पैरी अउ इंद्रावती न,
तीरथगढ़ चित्रकूट झरना हावे,
खारुन शिवनाथ केलो रेंड नदियां,
मैनपाट घलो स्थान हावे न,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

सबले ऊँचा गौरालाटा हावे न,
महामाया अउ बम्बलाई माता,
सम्बलाई माई दन्तेश्वरी दाई,
गंगरेल अउ हसदो बाँध हावे न,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

हैहयबंसी राज करिस इहाँ,
पाण्डबंसी अउ सोमबंसी राजा,
सिरपुर अउ रतनपुर के घलो,
इतिहास ह भारी हावे न,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

लक्ष्मण मंदिर भोरम देवा,
कैलाश गुफा अउ मंदकुद्वीपे,
इहाँ ये सबो स्थान हावे न,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

वीरनरायन जइसे सपूत महान,
स्वामीआत्मानंदा गुरु घासीदास,
सुंदर लाल शर्मा इहाँ गाँधी घलो न,
एखरे सेती भीम बोलत हावे न,
हमन परबुधिया नोएन रे,
सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा ||

रचनाकार
सहाशि योगेश ध्रुव”भीम”

Comments

8 responses to “हमन प्रबुधिया नोएन गा”

    1. धन्यवाद सर जी

    1. Yogesh kumar Dhruw

      धन्यवाद सर

    1. Yogesh kumar Dhruw

      धन्यवाद सर

  1. Satish Pandey

    bahut khoob

  2. Anu Somayajula

    छत्तीसगढ़ की समग्रता का समां बांधती सुंदर रचना

Leave a Reply

New Report

Close