हर पल मया करे के वादा करत हंव, हर पल तोर संग रेहे के वादा करत हंव , कभु झन सोंचबे कि मे तोला भुला जाहुं, सातो जनम तोर संग रेहे के वादा करत हंव।
हर पल मया करे के वादा करत हंव, हर पल तोर संग रेहे के वादा करत हंव , कभु झन सोंचबे कि मे तोला भुला जाहुं, सातो जनम तोर संग रेहे के वादा करत हंव।
तै कहूँ जा मोर आँखि के आघू म रैबे भले तोला लागहि कोनो नई देखत हे पर तय का जानिबे मोर नजरे नजर म झूलत रथस कभू मोर पीठ म छुरा झन घोपबे प्रेम म […]
मोर मनके परेवना ★★★★★★★ कोयली कस कुहकत जीवरा के मैना न | महकत अमरैय्या गोंदा तय फूले जोहि || मोर मन म बसे हिरदे के परेवना ओ | संगी घलो हर झूमत नजरे नजर म […]
“हमन परबुधिया नोएन गा” ************************** जांगर पेरत पसीना चुचवावत, भुइय्या के छाती म अन उगावत, चटनी बासी के खवैय्या आवन न, येहर धान के कटोरा हावे गा, हमन परबुधिया नोएन रे, सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा […]
नाचत हे परिया गावत तरिया घर कुरिया ला, देख बड़े । सुन्ना गोदी अब भरे दिखे आदमी पोठ अब सब झंझट टूट गे सुन के गुरतुर गोठ सब नरवा सगरी अउ पयडगरी सड़क शहर के, […]
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