तै कहूँ जा मोर आँखि के आघू म रैबे भले तोला लागहि कोनो नई देखत हे पर तय का जानिबे मोर नजरे नजर म झूलत रथस कभू मोर पीठ म छुरा झन घोपबे प्रेम म […]

मोर मनके परेवना ★★★★★★★ कोयली कस कुहकत जीवरा के मैना न | महकत अमरैय्या गोंदा तय फूले जोहि || मोर मन म बसे हिरदे के परेवना ओ | संगी घलो हर झूमत नजरे नजर म […]

“हमन परबुधिया नोएन गा” ************************** जांगर पेरत पसीना चुचवावत, भुइय्या के छाती म अन उगावत, चटनी बासी के खवैय्या आवन न, येहर धान के कटोरा हावे गा, हमन परबुधिया नोएन रे, सुघ्घर छत्तीसगढ़िया आवन गा […]

नाचत हे परिया गावत तरिया घर कुरिया ला, देख बड़े । सुन्ना गोदी अब भरे दिखे आदमी पोठ अब सब झंझट टूट गे सुन के गुरतुर गोठ सब नरवा सगरी अउ पयडगरी सड़क शहर के, […]

Cमोर महतारी अऊ मोर ददा कईसन मेहनत करत हे हमर जिनगी ल बनाये खातिर अपन सरीर ल भजथे भिनसहरे ले उठ के दुनो पानी कांजी भरत हे आट परसार अऊ खोर दुवार महतारी सब ल […]