हे राम !

मेरे ह्रदय में स्पंदन होता है
हे राम! अब हर दम होंठो पर
बस नाम तुम्हारा होता है

Related Articles

राम-नाम

डूब वहाँ, मोती जहाँ, कंकड़ मत तू छान सुख-माणिक का सिंधु बस, राम नाम ही जान “मैं”, “मेरा” ही जगत में, सब कष्टों का मूल “तू”, “तेरा”…

Responses

New Report

Close