15 Comments

  1. है उल्लासित जग सारा
    दूर होगा सब अंधियारा
    खुशियों का लाएगा पिटारा
    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा”
    —– बहुत सुन्दर रचना, उम्दा शिल्प, बेहतरीन काव्य सौष्ठव है गीता जी, लेखनी में निरंतर प्रखरता। वाह

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