13 Comments

  1. बहुत ही सुन्दर बहन जी
    सब उसमें हैं और वो सबमें
    नित अपनों के प्यार को तरस रहा
    सब उसके खिलौने में उलझे पड़े
    कोई मन शायद कुम्भकार को तरस रहा

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