आओ ताली बजाते हैं!

आओ थाली बजाते हैं!
गरीबी का मुंह दिखाने वाली,
बेरोजगारी के लिए ,
आओ ताली बजाते हैं!

देश की कमर तोड़ने वाली
मरी हुई अर्थव्यवस्था के लिए,
आओ थाली बजाते हैं!

झूठ को सच बनाने वाली
दलाल मीडिया के लिए ,
आओ ताली बजाते हैं!

Comments

12 responses to “आओ ताली बजाते हैं!”

  1. Rishi Kumar

    झूठ को सच बनाने वाली
    दलाल मीडिया के लिए
    आओ ताली बजाते हैं

    सच्चाई को आपके सामने ला दिया
    आपकी रचना को सलाम

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      विचारों का सम्मान करने के लिए ऋषि जी बहुत-बहुत आभार

  2. Vasundra singh Avatar

    सुन्दर कविता

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत धन्यवाद मैडम जी

  3. एक एक शब्द सत्य है

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

  4. वर्तमान सरकार व मिडिया पर बहुत अच्छा तंज़ तथा सच्चाई को प्रकट करती हुई बहुत सुंदर रचना

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      सुंदर समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

  5. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर रचना

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत बहुत आभार शास्त्री जी

  7. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    कम शब्दों में आपने बहुत कुछ कह दिया, सही अर्थों में आपकी कविता गागर में सागर है
    ‘आओ ताली बजाते हैं!’ बहुअर्थी प्रयोग है

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      इतनी सुंदर समीक्षा के लिए,सादर आभार वसुंधरा जी

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