10 Comments

  1. हिन्दी दिवस पर बेहतरीन अभिव्यक्ति। कविता में भाषा की सहजता, लय की परिपूर्णता औऱ ,
    ”इसकी गौरव गाथा गाये हर प्राणी
    सात समुंदर पार।।” में आनुप्रासिक छटा विराजमान है।
    बहुत खूब

  2. हिंदी एक गौरवशाली भाषा है।।
    आपकी रचनाओं की एक खासियत यह है प्रज्ञा जी की
    कविता तुकान्त वाली हो या अतुकांत परंतु उसमें एक धुन, लय हमेशा होती है गेयता रख पाना तथा कविता को अलंकृत करना और एक बेस में लिखना सफल रचनाकार की निशानी होती है
    ऐड्वेंचर मिलता है आपकी कविता में हमेशा।
    दोनो कविता बेहतरीन हैं
    👌👌👌👏👏👏

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