आज कुछ लिखने को जी करता है
आज फिर से जीने को जी करता है
दबे है जो अहसास ज़हन में जमाने से
उनसे कुछ अल्फ़ाज उखेरने को जी करता है
आज कुछ लिखने को जी करता है
Comments
6 responses to “आज कुछ लिखने को जी करता है”
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Nice
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shukriya
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बहुत खूब
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shukriya
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बहुत ही उम्दा
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