5 Comments

  1. इंसान हो इंटरनेट के अलावा
    इंसानियत को सीखना ही होगा।
    ____इंटरनेट के युग में इन्सानियत की परिभाषा और उसका महत्व बताती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही श्रेष्ठ रचना है। अच्छे संस्कार सीखने को प्रेरित करती हुई बहुत उत्कृष्ट रचना,उम्दा लेखन

  2. सब कुछ सिखा देगा इंटरनेट
    मगर संस्कार तो घर से ही सीखने होंगे,
    छोटे बच्चों को खेल लगाना,
    उनकी चाहत को पहचानना,
    उनकी भूख-प्यास का अहसास
    ये सब तो सीखने ही होंगे।
    इन्सानियत सिखलाती तथा सुंदर आचरण को अपनाने की बात करती हुई रचना

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